Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के शेयरों में सोमवार को **4%** की बढ़त देखी गई, लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। निवेशकों को कंपनी के न्यूक्लियर पावर, रेल सिग्नलिंग और कोल गैसीफिकेशन जैसे नए सेक्टर्स में बढ़ते ऑर्डर बुक पर भरोसा है। BHEL अब पारंपरिक थर्मल पावर से हटकर इन नए क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है, जो हालिया ऑर्डर फ्लो का करीब **29%** हिस्सा बन गए हैं।
ऑर्डर बुक में विविधता और रणनीतिक विकास
Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के शेयर सोमवार को इंट्राडे ट्रेडिंग में 4% बढ़कर ₹411.80 के स्तर पर पहुंच गए। यह तेजी लगातार चौथे दिन जारी रही, जिससे शेयर की कीमत में इस अवधि में लगभग 9% का उछाल आया है। कंपनी का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से उसके थर्मल पावर बिजनेस से परे राजस्व स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति का नतीजा है।
कंपनी की जून में जारी वित्त वर्ष 26 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, BHEL नए ग्रोथ एरियाज की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रही है। हालांकि थर्मल पावर अभी भी इसके बिजनेस का एक मुख्य आधार है - जिसे 2035-36 तक 315 GW क्षमता तक पहुंचने के राष्ट्रीय लक्ष्यों का समर्थन प्राप्त है - कंपनी ने इस सेगमेंट पर अपनी निर्भरता कम कर दी है। अब रेल परिवहन, रक्षा, कोल गैसीफिकेशन और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते हुए सेक्टर कुल ऑर्डर इनफ्लो का लगभग 29% योगदान दे रहे हैं।
कंपनी वर्तमान में 80 वंदे भारत ट्रेन सेटों का निर्माण और कवच रेल सिग्नलिंग सिस्टम के लिए अपना पहला अनुबंध जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसके अलावा, BHEL कोल गैसीफिकेशन और हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन में भी विस्तार कर रही है, जो भारत के राष्ट्रीय पावर ग्रिड में रिन्यूएबल एनर्जी को एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
न्यूक्लियर एनर्जी और टेक्नोलॉजी पहल
BHEL खुद को देश के न्यूक्लियर पावर रोडमैप में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक 100 GW क्षमता हासिल करना है। कंपनी भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स और अन्य उन्नत न्यूक्लियर टेक्नोलॉजीज के विकास में शामिल है। इसके अतिरिक्त, 2035-36 तक 100 GW पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर सरकार का ध्यान कंपनी के लिए एक दीर्घकालिक विकास अवसर प्रस्तुत करता है, क्योंकि यह इन बड़े पैमाने की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक भारी इंजीनियरिंग और उपकरण में विशेषज्ञता रखती है।
वित्तीय सेहत और एनालिस्ट का नज़रिया
BHEL की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक विकास देखा गया है, हाल ही में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CRISIL ने इसकी लॉन्ग-टर्म रेटिंग को AA/Stable तक अपग्रेड किया है। इसका कारण बढ़ते ऑर्डर बुक और बेहतर वित्तीय स्थिरता को बताया गया है। कुछ मार्केट एनालिस्टों का अनुमान है कि जून 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए कंपनी 20% साल-दर-साल के राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती है, जो उच्च निष्पादन स्तरों और बेहतर प्रॉफिट मार्जिन से प्रेरित होगी।
हालांकि सरकार ने कुछ पब्लिक सेक्टर टेंडर्स को चार चीनी इलेक्ट्रिकल उपकरण निर्माताओं के लिए खोल दिया है, लेकिन एनालिस्टों का मानना है कि BHEL पर इसका असर सीमित हो सकता है। ऐसा कंपनी के स्थापित मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट और स्थानीय निष्पादन विशेषज्ञता के कारण है। निवेशकों को वंदे भारत ट्रेनों जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के निष्पादन समय-सीमा और नए बिजनेस सेगमेंट को बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी की मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। ऑर्डर निष्पादन की गति और मौजूदा ऑर्डर बैकलॉग को वास्तविक राजस्व में बदलने की क्षमता आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले प्राथमिक कारक होंगे।
