Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने पिछले 8 सालों में पहली बार पहली तिमाही (Q1) में ₹382 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर **40%** बढ़कर **₹7,698 करोड़** पर पहुंच गया है।
8 साल का सूखा खत्म, BHEL पहली तिमाही में मुनाफे में
Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के शेयर आज ₹446.50 के नए 52-Week High पर पहुंच गए। यह उछाल कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद आया है। BHEL ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ₹382 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले 8 सालों में पहली बार है जब कंपनी ने पहली तिमाही में मुनाफा कमाया है।
रेवेन्यू और EBITDA में जोरदार उछाल
कंपनी की परफॉर्मेंस को 40% की सालाना बढ़ोतरी ने और मजबूत किया, जिससे रेवेन्यू ₹7,698 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट का मापक) ₹735 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹352 करोड़ का घाटा था। जून के अंत तक BHEL का ऑर्डर बुक भी ₹2,60,255 करोड़ पर बना हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 27% ज्यादा है।
वैल्यूएशन पर ब्रोकरेज की राय बंटी
इन शानदार नतीजों के बावजूद, स्टॉक का वैल्यूएशन विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। शेयर फिलहाल 63.87 के ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है।
- JPMorgan ने 'Underperform' रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि थर्मल पावर ऑर्डर साइकिल का चरम बीत चुका है। ब्रोकरेज के अनुसार, FY26 में ऑर्डर इनफ्लो 19% गिरा था और FY27 में इसमें 12% और गिरावट की आशंका है।
- Macquarie ने अपनी राय 'Neutral' में बदली है और टारगेट प्राइस ₹315 कर दिया है। उन्होंने कंपनी के मजबूत एक्जीक्यूशन को सराहा, लेकिन हाई रिसीवेबल्स और लगातार प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने की चुनौती पर जोर दिया।
- UBS ने 'Neutral' रेटिंग के साथ ₹460 का टारगेट दिया है। उन्होंने पावर सेगमेंट में कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और ₹2,300 करोड़ के हालिया एक्सपोर्ट ऑर्डर का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने इंडस्ट्री सेगमेंट में प्रॉफिट मार्जिन में आई गिरावट ( 19.3% से घटकर 13.6% ) पर भी ध्यान दिलाया।
- JM Financial सबसे ज्यादा आशावादी है और 'Buy' रेटिंग के साथ ₹481 का टारगेट दिया है। उनका मानना है कि बेहतर कॉन्ट्रैक्ट्स के एक्जीक्यूशन से ग्रॉस मार्जिन में 202 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत के थर्मल कैपेसिटी एडिशन लक्ष्य कंपनी के बिजनेस को सपोर्ट करते रहेंगे।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या BHEL अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रख पाता है और साथ ही रिसीवेबल्स को मैनेज कर पाता है। नए थर्मल पावर ऑर्डर्स में संभावित मंदी के बीच, ऑर्डर्स का एक्जीक्यूशन और बड़ी ऑर्डर्स से पेमेंट की वसूली कंपनी के कैश फ्लो और मार्जिन स्टेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
