Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। सितंबर तिमाही में कंपनी को केवल **₹4,000 करोड़** के नए ऑर्डर्स मिले हैं, जो पिछली तिमाही के **₹26,700 करोड़** के मुकाबले काफी कम हैं।
ऑर्डर्स में बड़ी सुस्ती
सितंबर तिमाही में BHEL की बुकिंग रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। जहाँ पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹26,700 करोड़ के ऑर्डर्स हासिल किए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा गिरकर ₹4,000 करोड़ पर आ गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दूसरा पहलू
ऑर्डर्स कम होने के बावजूद कंपनी के फाइनेंशियल नंबर्स ने राहत दी है। दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹9,300 करोड़ रहा। इसके अलावा, EBITDA 77% उछलकर ₹1,026 करोड़ पर पहुंच गया है और EBITDA मार्जिन में 300 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी ने ₹17,000 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 31% अधिक है।
बढ़ती चुनौती और वैल्यूएशन
बाजार में Larsen & Toubro, Thermax और JSW Toshiba से बढ़ती कॉम्पिटिशन कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है। BHEL अब डिफेंस, रेल ट्रांसपोर्ट और कोल गैसीफिकेशन जैसे क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही है ताकि अपना मार्केट दबदबा बनाए रख सके। स्टॉक अभी अपने FY27 के अनुमानित मुनाफे के 42 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे महंगा बनाता है। अब कंपनी के लिए अपने साल के 4,790 MW के कैपेसिटी टारगेट में से बचे हुए 2,260 MW को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।
