नतीजों में रिकॉर्ड उछाल
Bharat Heavy Electricals (BHEL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 37.2% बढ़कर ₹12,310 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो 155.8% का भारी उछाल देखा गया और यह ₹1,290 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी करीब 500 basis points का सुधार हुआ और यह 14.2% पर आ गए।
₹2.4 ट्रिलियन की ऑर्डर बुक और शेयर का कमाल
इस शानदार नतीजे का मुख्य कारण कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक रही। FY26 में कंपनी को ₹75,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिससे कुल ऑर्डर बुक बढ़कर ₹2.4 ट्रिलियन यानी कंपनी की FY26 की सेल्स का 7 गुना हो गई। नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी BHEL के शेयर पर निवेशकों का भरोसा दिखा। स्टॉक ने 4 मई 2026 को ₹399 का 52-हफ्ता हाई बनाया और मार्केट कैप ₹1.35 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया।
मुनाफे की क्वालिटी पर सवाल?
हालांकि, नतीजों में कुछ ऐसी चीजें भी थीं जिन्होंने विश्लेषकों का ध्यान खींचा। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि प्रोविजन रिवर्सल और फॉरेक्स गेन जैसे 'वन-टाइम आइटम्स' को हटा दें, तो एडजस्टेड मार्जिन उतने मजबूत नहीं हैं। ऐसे में, सवाल उठता है कि क्या यह प्रॉफिट ग्रोथ टिकाऊ है या सिर्फ एक बार के फायदों का असर है।
सेक्टर की स्थिति और वैल्यूएशन का पेंच
BHEL भारत के बढ़ते EPC सेक्टर में काम करती है, जो सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से आगे बढ़ रहा है। कंपनी के पावर सेगमेंट में Q4 FY26 में 54% का सुधार देखा गया, जिसमें मार्जिन 19.7% रहा। BHEL को घरेलू कंपनियों जैसे Larsen & Toubro (L&T) और ग्लोबल दिग्गजों Siemens, GE, और Hitachi Energy से कड़ी टक्कर मिल रही है।
शेयर का वैल्यूएशन एक बड़ा कंसर्न बना हुआ है। स्टॉक का P/E रेश्यो 140-150x के आसपास चल रहा है, और FY27 के लिए यह करीब 40x रहने का अनुमान है। ये मल्टीपल्स ऐतिहासिक आंकड़ों और इंडस्ट्री एवरेज से काफी ऊपर हैं, जो मार्केट की भविष्य में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद को दर्शाते हैं।
एग्जीक्यूशन का दबाव और ऊंचाई पर वैल्यूएशन
₹2.4 ट्रिलियन की विशाल ऑर्डर बुक जहां मांग का संकेत है, वहीं इसे पूरा करने में कंपनी के सामने बड़ी एग्जीक्यूशन की चुनौतियां हैं। पिछले अनुभव बताते हैं कि इतने बड़े बैकलॉग को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है, जिससे प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा, हालिया मार्जिन ग्रोथ में नॉन-ऑपरेशनल फैक्टर पर निर्भरता, मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी के टिकाऊ होने पर सवाल खड़े करती है। शेयर की ऊंची कीमत को सही ठहराने के लिए कंपनी को लगातार तगड़ी कमाई करनी होगी।
आगे की राह और ग्रोथ के मौके
आगे BHEL से FY27 और FY28 में हर साल ₹60,000-70,000 करोड़ के बीच ऑर्डर आने की उम्मीद है। FY27 से एग्जीक्यूशन में और तेजी आने की संभावना है, और 2028 तक EBITDA मार्जिन के बढ़कर करीब 10.6% होने का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म्स भी इस स्टॉक पर पॉजिटिव हैं। ICICI Securities ने ₹450 और ICICI Direct ने ₹460 का टारगेट प्राइस दिया है। डिफेंस, रेलवे, ग्रीन हाइड्रोजन और कोल गैसिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में कंपनी का विस्तार और थर्मल पावर रिप्लेसमेंट में मजबूत स्थिति, इसे भविष्य में ग्रोथ के नए मौके देगी।
