BHEL Share Price: 'महारत्न' का दर्जा बचाने की चुनौती, नए सेक्टर में दांव लगा रही कंपनी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
BHEL Share Price: 'महारत्न' का दर्जा बचाने की चुनौती, नए सेक्टर में दांव लगा रही कंपनी

Maharatna दर्जा बरकरार रखने के दबाव के बीच BHEL अब कोल गैसीफिकेशन और हाइड्रो पावर जैसे नए सेक्टरों में विस्तार कर रही है। चुनौतियों के चलते कंपनी का शेयर **4.21%** गिरकर **₹412.85** पर बंद हुआ है।

महारत्न स्टेटस पर तलवार

जून 2026 में सरकार ने BHEL को एक साल के परफॉरमेंस रिव्यू में डाल दिया है। कंपनी पर यह दबाव इसलिए है क्योंकि पिछले तीन वर्षों में इसका औसत सालाना नेट प्रॉफिट ₹5,000 करोड़ के क्राइटेरिया को पूरा नहीं कर पाया है। अगर कंपनी जल्द ही अपने फाइनेंशियल मैट्रिक्स में सुधार नहीं दिखाती है, तो इसका दर्जा 'महारत्न' से घटकर 'नवरत्न' हो सकता है।

नई राहों की तलाश

अपने पारंपरिक थर्मल पावर बिजनेस से इतर कंपनी अब कोल-टू-केमिकल्स और पंप्ड-स्टोरेज जैसे प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रही है। कंपनी का ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, जो लगभग ₹2.60 लाख करोड़ का है। हाल ही में BHEL ने Titagarh Rail Systems के साथ 50:50 की जॉइंट वेंचर डील की है, जिसके तहत वे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का 35 साल तक मेंटेनेंस देखेंगे। इसके अलावा, NBPPL में भी कंपनी ₹65 करोड़ का अतिरिक्त निवेश कर रही है।

बाजार का मूड और वैल्यूएशन

निवेशक अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि कंपनी अपने रिकॉर्ड ऑर्डर बुक को मुनाफे में कैसे बदलती है। फिलहाल स्टॉक 61.7x के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जिसे कई एक्सपर्ट्स महंगा मान रहे हैं। 15 सितंबर, 2026 को आई 4.21% की गिरावट बाजार की इसी चिंता को दर्शाती है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने Return on Equity (ROE) और Return on Capital Employed (ROCE) को सुधारने की है, जो लंबे समय से निचले स्तरों पर बने हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.