Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए सरकार को **₹283.56 करोड़** का डिविडेंड चेक सौंपा है। यह राशि पिछले साल के मुकाबले **2.5 गुना** से भी ज्यादा है, जो कंपनी के बेहतर होते कैश फ्लो का संकेत है।
सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹283.56 करोड़ का फाइनल डिविडेंड चेक दिया है। कंपनी के CMD के. सदाशिव मूर्ति ने यह चेक केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री को सौंपा। यह भुगतान सरकार की 58.17% हिस्सेदारी के बदले किया गया है।
डिविडेंड में बड़ा इजाफा
यह डिविडेंड पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की तुलना में ढाई गुना (2.5x) से भी अधिक है। अगर कुल डिविडेंड की बात करें, तो सभी शेयरहोल्डर्स के लिए कुल ₹487.49 करोड़ बांटे गए हैं। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है, जिसमें टर्नओवर 18% बढ़कर ₹32,350 करोड़ तक पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के नजरिए से यह डिविडेंड कंपनी के बेहतर कैश फ्लो मैनेजमेंट को दर्शाता है। हालांकि, भारी इंजीनियरिंग सेक्टर में काम करने के कारण कंपनी को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी पूंजी की जरूरत होती है। भविष्य में डिविडेंड की यह रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग बैकलॉग और ऑर्डर बुक को कितनी कुशलता से पूरा करती है।
चुनौतियां और भविष्य
भले ही डिविडेंड में अच्छी बढ़त दिखी है, लेकिन कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा और कच्चे माल (raw material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) पर बनी हुई है। आगे चलकर सरकार द्वारा की जाने वाली पावर कैपेसिटी बढ़ोतरी और नए ऑर्डर्स ही कंपनी की ग्रोथ की दिशा तय करेंगे।
