नतीजों पर ऑडिटर की एडवर्स रिपोर्ट का साया
BF Utilities Ltd. ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जिनमें कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 22.43% बढ़कर ₹102.76 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू (Revenue) में भी 12.60% का उछाल देखा गया, जो ₹243.60 करोड़ रहा। इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट इस बढ़त का मुख्य जरिया बना रहा।
लेकिन, इन चमकदार आंकड़ों के बीच एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) ने अपनी रिपोर्ट में एक 'एडवर्स कंक्लूजन' (Adverse Conclusion) दिया है। इसका मतलब है कि ऑडिटर को कंपनी के अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Accounting Standards) के पालन में गंभीर खामियां मिली हैं, जिससे वित्तीय नतीजों की असलियत पर सवाल खड़ा होता है।
इन गंभीर चिंताओं पर डालें नज़र:
₹500 करोड़ की आर्बिट्रेशन देनदारी (Arbitration Liability): कंपनी की एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी NECE पर शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट से जुड़ा ₹500 करोड़ का दावा चल रहा है, जिस पर 18% सालाना ब्याज भी जुड़ रहा है।
NHDL का बंद ऑपरेशन: कंपनी की सब्सिडियरी Nandi Highway Developers Limited (NHDL) ने 7 सितंबर, 2024 को अपना टोल ऑपरेशन (Toll Operation) बंद कर दिया है, क्योंकि उसका कंसेशन एग्रीमेंट (Concession Agreement) खत्म हो गया। इससे सब्सिडियरी को कोई रेवेन्यू नहीं मिल रहा और एसेट्स पर इम्पेयरमेंट (Impairment) का खतरा है।
अनसुलझे एडवांसेज (Unresolved Advances): करीब 14 साल पहले ज़मीन अधिग्रहण के लिए NECE को दिए गए ₹37 करोड़ का इंटरेस्ट-फ्री एडवांस (Interest-free Advance) अब भी अनसुलझा है और वेरिफाई नहीं हुआ है।
अकाउंटिंग में गड़बड़ी: ऑडिटर ने यह भी पाया है कि कंपनी ने CCPS के लिए बायबैक ऑब्लिगेशन्स (Buyback Obligations) को देनदारी के तौर पर रिकॉर्ड नहीं किया है, जिससे इक्विटी पर असर पड़ सकता है।
कंपनी के कुछ और आंकड़े:
- पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹861.70 करोड़ रहा।
- पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹337.85 करोड़ था।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब आर्बिट्रेशन केस के नतीजों, ऑडिटर की चिंताओं पर कंपनी के सुधारात्मक कदमों और NHDL के ऑपरेशन बंद होने से भविष्य के नतीजों पर पड़ने वाले असर पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।