BF Utilities Limited, जो कि Kalyani Group का हिस्सा है, रेगुलेटर्स के निशाने पर आ गई है। कंपनी 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के लिए कंसोलिडेटेड अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Consolidated Unaudited Financial Results) तय समय सीमा तक जमा नहीं कर पाई। इस बड़ी चूक के चलते BSE Limited और National Stock Exchange of India Ltd. (NSE) ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
एक्सचेंज की ओर से कंपनी को चेतावनी दी गई है कि यदि वह जल्द ही इस गैर-अनुपालन (Non-compliance) को ठीक नहीं करती है, तो प्रमोटर्स की शेयर होल्डिंग को फ्रीज किया जा सकता है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
यह पहली बार नहीं है जब BF Utilities रेगुलेटरी जांच के दायरे में आई है। कंपनी पहले भी SEBI (Securities and Exchange Board of India) के रडार पर रह चुकी है, और मई 2018 में एक सेटलमेंट ऑर्डर जारी किया गया था। इसके अलावा, सितंबर 2025 में ही कंपनी पर Nandi Infrastructure Corridor Enterprise Ltd. (NICE) और Nandi Economic Corridor Enterprises Ltd. (NECE) जैसी सब्सिडियरीज से जुड़े नतीजों में देरी के लिए NSE और BSE द्वारा कुल ₹3.42 लाख का जुर्माना लगाया गया था। तब कंपनी ने कहा था कि यह पेनाल्टी उसके फाइनेंशियल्स पर बड़ा असर नहीं डालेगी।
हालांकि, मौजूदा मामला कंप्लायंस का है, लेकिन कंपनी का फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड थोड़ा मिला-जुला रहा है। पिछले कुछ सालों में प्रॉफिट ग्रोथ अच्छी रही है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ कमजोर रही है। कंपनी लगभग डेट-फ्री (Debt-free) है और प्रमोटर्स की होल्डिंग भी अच्छी खासी है, लेकिन हाल की तिमाहियों में ऑपरेशनल रेवेन्यू में गिरावट देखी गई है।
फिलहाल, BF Utilities के सामने सबसे बड़ा जोखिम रेगुलेटरी एक्शन का है, जिसमें प्रमोटर होल्डिंग फ्रीज होने की आशंका सबसे गंभीर है। यह घटना कंपनी की ट्रांसपेरेंट फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है। निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर होंगी कि कंपनी एक्सचेंज के साथ कैसे तालमेल बिठाती है और भविष्य में ऐसे मामलों से कैसे निपटती है।