BEML Limited के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **31%** घटकर **₹33 करोड़** रह गया है, जिसके चलते शेयर बाजार में **4% से 7%** तक टूट गया है।
बढ़ती लागतों का असर
सितंबर तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए मिले-जुले रहे हैं। जहां एक तरफ कंपनी का रेवेन्यू 42.1% उछलकर ₹1,192 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती रॉ-मटेरियल और ऑपरेशनल लागत ने कंपनी के मुनाफे पर कैंची चला दी है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 8.7% था, जो अब घटकर 6.7% पर आ गया है। इसके अलावा, टैक्स खर्चों में बढ़ोतरी ने भी नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया है।
ऑर्डर बुक की मजबूती
मौजूदा गिरावट के बावजूद, कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं है। 30 सितंबर 2026 तक, BEML की कुल ऑर्डर बुक ₹21,388 करोड़ की रही। मैनेजमेंट के अनुसार, इस ऑर्डर बुक में से ₹3,421 करोड़ का काम इसी फाइनेंशियल ईयर में पूरा होने की उम्मीद है।
आगे की राह
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कैसे अपने बढ़ते इनपुट खर्चों पर लगाम लगाती है और मार्जिन में सुधार करती है। इस बीच, कंपनी को कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय से सेगमेंट-वाइज डेटा रिपोर्ट न करने की अनुमति भी मिली है, जो इसके डिस्क्लोजर स्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव है।
