ओडिशा में Bharat Coal Gasification and Chemicals Ltd (BCGCL) ने अपने महत्वाकांक्षी ₹25,000 करोड़ के कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट की आधारशिला रख दी है।
सरकारी मिशन 'नेशनल कोल गैसिफिकेशन मिशन' के तहत इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य साल 2030 तक 10 करोड़ टन गैसिफिकेशन क्षमता हासिल करना है। यह प्रोजेक्ट Coal India Ltd और BHEL का एक जॉइंट वेंचर है, जिसमें Coal India की हिस्सेदारी 51% है।\n\nइस प्लांट के जरिए भारत अपनी निर्भरता उन केमिकल्स के आयात पर कम करना चाहता है जिन्हें कोयले से बनाया जा सकता है। प्लांट हर साल 6.6 लाख टन टेक्निकल-ग्रेड अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करेगा।\n\n### कॉन्ट्रैक्ट्स का गणित\n\nकंपनी ने काम को रफ्तार देने के लिए पहले ही ₹15,000 करोड़ के शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट्स जारी कर दिए हैं:\n\n* BHEL: गैसफिकेशन और सिनगैस प्यूरिफिकेशन यूनिट्स के लिए ₹10,000 करोड़ का ऑर्डर।\n* Larsen & Toubro (L&T): अमोनिया सिंथेसिस और अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन के लिए ₹5,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट।\n\nबाकी के ₹10,000 करोड़ का इस्तेमाल जमीन अधिग्रहण और अन्य ऑपरेशनल खर्चों के लिए होगा।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी (Monitorables)\n\nयह देश का अपनी तरह का पहला बड़ा प्रोजेक्ट है, इसलिए निवेशकों को इसके एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और कंस्ट्रक्शन में देरी जैसे रिस्क इसमें शामिल हैं। साथ ही, ग्लोबल केमिकल कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। निवेशकों को आने वाले समय में टेंडर अपडेट्स और प्लांट के निर्माण की गति पर नजर रखनी चाहिए ताकि समयसीमा और लागत की सटीक जानकारी मिलती रहे।
