Azad Engineering Share Price: निवेशकों की चांदी! Q3 में मुनाफा **40%** चढ़ा, ऑर्डर बुक **₹6,500 Cr** पार

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Azad Engineering Share Price: निवेशकों की चांदी! Q3 में मुनाफा **40%** चढ़ा, ऑर्डर बुक **₹6,500 Cr** पार
Overview

Azad Engineering के नतीजों ने शेयर बाजार में धूम मचा दी है। कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व में **31%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹155.8 करोड़** रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में **40.1%** का उछाल आया और यह **₹34 करोड़** पर पहुंच गया।

नतीजों पर एक नज़र

Azad Engineering Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए दमदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 31% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹155.8 करोड़ रहा। मुनाफे की बात करें तो, टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) 40.1% बढ़कर ₹34 करोड़ पर पहुंच गया। यह नतीजे कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल क्षमता और विस्तार योजनाओं को दर्शाते हैं।

कंपनी ने यह भी बताया कि नए प्लांट्स को शुरू करने और उन्हें स्थिर करने में कुछ खर्च हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) मार्जिन स्थिर बने हुए हैं। भविष्य के लिए, कंपनी का लक्ष्य 33% से 35% के बीच EBITDA मार्जिन बनाए रखना है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की ऑर्डर बुक ₹6,500 करोड़ से ज़्यादा की है, जो आने वाले समय के लिए रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी देती है।

पिछले साल Q3 FY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹107.67 करोड़ और PAT ₹16.80 करोड़ था। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए रेवेन्यू ₹467.9 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹86.5 करोड़ रहा था। मौजूदा तिमाही के नतीजे पिछले साल की तुलना में ग्रोथ में बड़ी तेजी का संकेत देते हैं।

भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

कंपनी के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) एक ट्रांज़िशन ईयर यानी बदलाव का साल है। इस दौरान GE, Mitsubishi और Siemens जैसे बड़े क्लाइंट्स के लिए नए प्लांट्स को स्थिर करने पर ध्यान दिया जाएगा। इन नए प्लांट्स से पूरी क्षमता का इस्तेमाल FY28 तक होने की उम्मीद है, जब ज़रूरी ऑडिट और ग्राहक सत्यापन पूरे हो जाएंगे।

हालांकि, कंपनी का आउटलुक काफी पॉजिटिव है। मैनेजमेंट अगले कुछ सालों में 25% से ज़्यादा की सालाना ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है। इस ग्रोथ को सपोर्ट करने और ऑपरेशंस को एफिशिएंट बनाने के लिए, Azad Engineering लगभग ₹450-500 करोड़ का निवेश करके नई मशीनें लगा रही है। इससे 1.7 से 2 गुना एसेट टर्न की उम्मीद है।

कंपनी अपनी वर्कफोर्स का भी तेजी से विस्तार कर रही है। हर महीने 150-200 लोगों को काम पर रखने की योजना है, जिसके लिए 50 दिन का इंटरनल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है। मैनेजमेंट ने अमेरिकी टैरिफ (Tariff) के संभावित असर पर भी बात की और कहा कि ज़रूरी प्रोडक्ट्स पर इसका असर नहीं है और व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीद है।

प्रतिस्पर्धी परिदृश्य

Azad Engineering इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के एक खास हिस्से में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में MTAR Technologies और Paras Defence शामिल हैं, जो डिफेंस, एयरोस्पेस और एनर्जी सेक्टर्स के लिए उत्पाद बनाते हैं।

  • MTAR Technologies: Q3 FY26 में MTAR Technologies का रेवेन्यू 59.3% बढ़कर ₹278 करोड़ रहा और दिसंबर 2025 तक ऑर्डर बुक ₹2,395 करोड़ थी।
  • Paras Defence and Space Technologies: यह कंपनी 30% से ज़्यादा की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रही है और FY26 के लिए इसकी ऑर्डर बुक लगभग ₹1,100 करोड़ थी।
  • Dixon Technologies: यह एक बड़ी कंपनी है, जिसने Q3 FY26 में ₹10,678 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। हालांकि, इसका बिजनेस मॉडल और स्केल Azad Engineering से काफी अलग है, लेकिन यह भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सरकारी पहलों (जैसे PLI स्कीम) से आ रही ग्रोथ को दिखाता है।

Azad Engineering की मौजूदा ग्रोथ और भविष्य के अनुमान इसे इस खास इंजीनियरिंग सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करते हैं।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.