₹460 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट (Contract) Avantel के लिए गेम-चेंजर
Avantel के शेयरों में 25 मार्च 2026 को शानदार तेजी देखी गई। कंपनी को Zetwerk Manufacturing Businesses से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट (Satellite Communication Equipment) बनाने का यह ऑर्डर मिला है, जिसकी कुल वैल्यू ₹459.90 करोड़ है। यह डील तीन साल तक चलेगी और इसमें एक साल की वारंटी और पांच साल की मेंटेनेंस भी शामिल है। इस ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक (Order Book) मजबूत होगी।
शेयर में 14% की उछाल, पर वैल्यूएशन (Valuation) है चिंताजनक
इस बड़े सौदे की घोषणा के बाद Avantel के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर 14.69% बढ़कर ₹138.81 के इंट्राडे हाई (Intraday High) पर पहुंच गया। स्टॉक में भारी वॉल्यूम (Volume) देखने को मिला, जिसमें करीब 12.16 करोड़ शेयरों का ट्रेड हुआ, जिसकी वैल्यू लगभग ₹165 करोड़ थी। इस तेजी के बावजूद, कंपनी की वैल्यूएशन काफी महंगी है। Avantel का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 207x से 232x के बीच है, जो इंडियन एयरोस्पेस एंड डिफेंस सेक्टर (Indian Aerospace and Defence Sector) के औसत P/E 54x से कहीं ज्यादा है। इसी तरह, P/B रेश्यो (Price-to-Book Ratio) भी सेक्टर के औसत 7.35x के मुकाबले 10x के आसपास है। हालांकि, कंपनी पर कर्ज (Debt) बहुत कम है, जो 0.09-0.11x के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) से जाहिर होता है।
Q3 FY26 में मुनाफे (Profit) में भारी गिरावट
नए कॉन्ट्रैक्ट की पॉजिटिव खबरों के बीच, Avantel के Q3 FY26 के नतीजे चिंता बढ़ा रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 86.35% गिरकर सिर्फ ₹2.74 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹20.08 करोड़ था। रेवेन्यू (Revenue) में भी 26.84% की भारी गिरावट आई और यह ₹51.71 करोड़ पर आ गया। यह लगातार तीसरा क्वार्टर है जब कंपनी का रेवेन्यू घटा है, जो इसके ऑपरेशनल (Operational) प्रदर्शन पर सवाल खड़े करता है।
सेक्टर की ग्रोथ और Avantel का प्रदर्शन
भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर (Aerospace and Defence Sector) में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। Avantel के शेयर ने पिछले 5 साल में 2,246% और 3 साल में 447% का शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि, हालिया प्रदर्शन कमजोर रहा है, पिछले एक महीने में शेयर 7% और इस साल अब तक 14% गिर चुका है। कंपनी ₹460 करोड़ के इस ऑर्डर को कैसे एक्जीक्यूट (Execute) करती है और क्या इससे प्रॉफिट में सुधार होता है, यह देखना अहम होगा।