Astra Microwave Products Limited के डायरेक्टर्स बोर्ड ने एक अहम कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग को हरी झंडी दे दी है। कंपनी अपने स्पेस, मेटिऑलॉजी और हाइड्रोलॉजी (Space, Meteorology, and Hydrology) बिज़नेस अंडरटेकिंग्स को एक अलग, इंडिपेंडेंट एंटिटी में डीमर्ज (demerge) करेगी। इस कदम का मुख्य मकसद मैनेजमेंट पर फोकस बढ़ाना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) में सुधार करना और इन खास सेक्टर्स के लिए ग्रोथ स्ट्रैटेजी (growth strategies) को बेहतर बनाना है।
कंपनी के हालिया नतीजों की बात करें तो, दिसंबर 2025 को खत्म हुए 9 महीनों (9M FY'26) में Astra Microwave का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (standalone revenue) ₹668 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास ₹2,226 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक (order book) था। Q3 फाइनेंशियल ईयर 26 (Q3 FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Net Profit After Tax - PAT) करीब ₹39 करोड़ रहा।
कंपनी का मानना है कि इस डीमर्जर से शेयरधारकों (shareholders) के लिए छुपी हुई वैल्यू को अनलॉक (unlock value) करने में मदद मिलेगी। अलग एंटिटी बनाने से हर बिज़नेस सेगमेंट को स्पेशलाइज्ड मैनेजमेंट सपोर्ट मिलेगा, जिससे वह अपने हिसाब से मार्केट की चुनौतियों और टेक्नोलॉजी की जरूरतों को पूरा करते हुए ग्रोथ कर सकेगा।
1991 में स्थापित Astra Microwave, डिफेंस, स्पेस, मेटिऑलॉजी, टेलीकम्युनिकेशन और होमलैंड सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए RF (Radio Frequency) और माइक्रोवेव सब-सिस्टम्स और कंपोनेंट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है। हाल के सालों में, कंपनी ने डिफेंस टेक्नोलॉजीज पर खास फोकस बढ़ाया है, जैसा कि Astra Defence Technologies Private Limited के नामकरण से जाहिर है। Q2 फाइनेंशियल ईयर 26 में ₹240 करोड़ के ऑर्डर मिले थे, जो डिफेंस और स्पेस सेक्टर में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी को दिखाते हैं।
हालांकि, यह डीमर्जर अभी शुरुआती 'इन-प्रिंसिपल' अप्रूवल (in-principle approval) स्टेज पर है। इसके फाइनल स्ट्रक्चर, शेयर एक्सचेंज रेशियो (share exchange ratio) और अन्य नियम-शर्तें अभी तय होनी बाकी हैं। इस प्रक्रिया में एक्सपर्ट्स की राय, बोर्ड की मंजूरी और SEBI व अन्य रेगुलेटरी बॉडीज (regulatory bodies) से आवश्यक अप्रूवल प्राप्त करने होंगे।
निवेशकों को अब डीमर्जर की फाइनल स्ट्रक्चर, वैल्यूएशन और रेगुलेटरी अप्रूवल पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये कदम कंपनी के भविष्य की ग्रोथ और शेयरधारकों के लिए वैल्यू को प्रभावित करेंगे।