डिफेंस सेक्टर में बहार, Astra Microwave को मिला फायदा
भारतीय डिफेंस और स्पेस सेक्टर में जारी तेजी और मिले ताबड़तोड़ ऑर्डर्स का सीधा फायदा Astra Microwave Products को मिल रहा है। इसी का नतीजा है कि कंपनी ने Q3 FY26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹258 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 30.9% के दमदार स्तर पर पहुंचा। नेट प्रॉफिट (PAT) करीब ₹39 करोड़ दर्ज किया गया।
9 महीने के नतीजे और मार्जिन
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले 9 महीनों (9M FY'26) के स्टैंडअलोन रेवेन्यू की बात करें तो यह ₹668 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹165 करोड़ दर्ज किया गया। इस दौरान EBITDA मार्जिन 25% के आसपास रहा।
जॉइंट वेंचर का कमाल
कंपनी के लिए Astra Rafael Comsys जॉइंट वेंचर एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो रहा है। अकेले Q3 FY'26 में इसने ₹300 करोड़ से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इस JV का FY'26 में ₹350+ करोड़ और FY'27 में ₹400+ करोड़ रेवेन्यू देने का अनुमान है, जिसमें PBT मार्जिन 10-12% रहने की उम्मीद है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी
Astra Microwave खुद को डिफेंस और स्पेस के लिए एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाने वाली इंटीग्रेटेड कंपनी के तौर पर स्थापित कर रही है। कंपनी ने पब्लिक सेक्टर की दिग्गज Bharat Electronics (BEL) के साथ एक एमओयू (MOU) साइन किया है। इस साझेदारी का मकसद डिफेंस टेक्नोलॉजी में स्वदेशी डिजाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
मैनेजमेंट का कहना है कि सरकारी पहलें जैसे डिफेंस पर बजट बढ़ाना (लगभग 15%), 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर और खरीद नीतियों में बड़े बदलाव (सिर्फ सबसे कम कीमत पर फोकस न करना) डिफेंस सेक्टर को काफी बल दे रही हैं।
कंपनी का भरोसा और भविष्य की योजना
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY'26 के लिए Astra Microwave Products ने ₹1,150 करोड़ के रेवेन्यू का टारगेट बनाए रखा है, जो पिछले साल से करीब 10% ज्यादा है। कंपनी को ₹1,300 - ₹1,400 करोड़ के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। FY'27 में रेवेन्यू में 15% की ग्रोथ और ₹1,500 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक बनाए रखने का लक्ष्य है।
लंबे समय की बात करें तो कंपनी का लक्ष्य अगले 3-4 सालों में अपना टर्नओवर दोगुना करना है। इसके लिए अगले चार सालों में ₹8,000-10,000 करोड़ के नए ऑर्डर और ₹7,500 करोड़ से ज्यादा की बिक्री हासिल करने का टारगेट रखा गया है। कंपनी फ्री कैश फ्लो जेनरेट करने वाली एंटिटी बनना चाहती है।
स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक
दिसंबर 2025 तक कंपनी की स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक ₹2,226 करोड़ है। इसमें डिफेंस PSUs और DRDO का बड़ा हिस्सा (₹1,477 करोड़) है, जबकि स्पेस सेक्टर से ₹249 करोड़, मेट्रोलॉजी और हाइड्रोलॉजी से ₹369 करोड़ और एक्सपोर्ट से ₹130 करोड़ का योगदान है।
प्रोमोटर्स की चिंता पर जवाब
मैनेजमेंट ने निवेशकों की ऊंचे रिसीवेबल्स (receivables) और इन्वेंटरी (inventory) को लेकर चिंताएं दूर कीं। उन्होंने बताया कि डिफेंस प्रोजेक्ट्स में लंबा समय लगने, विदेशी कंपोनेंट्स की खरीद और इकोनॉमिक ऑर्डर क्वांटिटी (EOQ) के कारण ऐसा होता है। कस्टमर एडवांसेज (20-30%) रिसीवेबल्स को काफी हद तक कम कर देते हैं। कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए बैंक फाइनेंसिंग का सहारा लेगी, अभी इक्विटी की कोई योजना नहीं है।