Ashapura Minechem Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में 50% का जोरदार इजाफा दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू लगभग ₹3,268 करोड़ तक पहुंच गया। इस शानदार ग्रोथ का बड़ा कारण गिनी (Guinea) में कंपनी के बॉक्साइट माइनिंग (Bauxite Mining) ऑपरेशंस रहे, जिनसे कुल रेवेन्यू का करीब 76% हिस्सा आया।
तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे: मिली-जुली तस्वीर
हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) के नतीजों ने एक मिली-जुली तस्वीर पेश की। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 0.8% बढ़कर ₹960.4 करोड़ रहा। लेकिन, प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में अच्छी सुधार देखी गई। EBITDA 8.3% QoQ बढ़कर ₹143 करोड़ हो गया, जिससे EBITDA मार्जिन पिछले क्वार्टर के 13.9% से सुधरकर 14.9% पर आ गया। एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी 10% से ज्यादा बढ़कर ₹89.31 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, यह मार्जिन सुधार डेमरेज चार्जेस (Demurrage Charges) में कमी, बेहतर कॉस्ट एफिशिएंसी (Cost Efficiencies) और नए माइनिंग व लॉजिस्टिक्स (Logistics) टाई-अप्स के कारण संभव हुआ।
वहीं, साल-दर-तारीख (Year-to-date) प्रदर्शन की बात करें तो EBITDA में 52% YoY ग्रोथ के साथ ₹463 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, इस दौरान PBT मार्जिन पिछले साल के 10% की तुलना में थोड़ा घटकर 9.3% रहा।
एनालिस्ट्स के तीखे सवाल: 'रिलेटेड पार्टी' ट्रांजैक्शन्स पर चिंता
Q3 अर्निंग्स कॉल में एनालिस्ट्स ने कंपनी की वित्तीय संरचना को लेकर चिंता जताई। खास तौर पर, कंपनी के 70% से ज़्यादा लोन (Loans) और एडवांसेज (Advances) और लगभग 71% निवेश का संबंधित पक्षों (Related Parties), जिनमें कुछ घाटे में चल रही सहायक कंपनियां भी शामिल हैं, को आवंटित किए जाने पर सवाल उठाए गए। मैनेजमेंट ने जवाब दिया कि ये सभी ट्रांजैक्शन्स रेगुलेटरी सीमाओं के भीतर हैं, और इन्हें बोर्ड व शेयरहोल्डर्स (Shareholders) से आवश्यक मंजूरी मिली हुई है। उन्होंने कहा कि ये कंपनी के ऑपरेशंस और जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ऑपरेशनल चुनौतियां और कीमतों का उतार-चढ़ाव
कंपनी ने Q3 FY'26 में नियोजित वॉल्यूम (Planned Volumes) में थोड़ी कमी स्वीकार की। इसका मुख्य कारण गिनी में लंबा मानसून सीजन रहा, जिसने ऑपरेशंस और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित किया। भारत में ऑपरेशंस को भी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मौसमी बदलावों की वजह से चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए बॉक्साइट की कीमत एक अहम फैक्टर है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चीनी नव वर्ष (Chinese New Year) के बाद कीमतें स्थिर होंगी, लेकिन अगर कीमतें $52 प्रति टन से नीचे गिरती हैं, तो ऑपरेशंस अलाभकारी हो सकते हैं।
भविष्य की राह और रणनीतिक कदम
Ashapura Minechem ने FY'27-'28 तक 1.5 करोड़ टन का अपना लॉन्ग-टर्म वॉल्यूम टारगेट हासिल करने का भरोसा जताया है। कंपनी अपने भारतीय बिज़नेस में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (Value-Added Products) और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन (Cost Optimization) पर फोकस कर रही है। भविष्य के फ्रेट कॉन्ट्रैक्ट्स (Freight Contracts) के लिए कॉस्ट, क्वांटिटी, डिलीवरी (CQD) शर्तों पर काम करना, डेमरेज चार्जेस से बचने के लिए, एक अहम रणनीतिक कदम है। इसके अलावा, गिनी में आयरन ओर (Iron Ore) बिज़नेस के लिए ट्रायल भी किए जा रहे हैं, जिसके अनुमान Q4 FY'26 तक आ सकते हैं।
मैनेजमेंट का अनुमान है कि वॉल्यूम में बढ़ोतरी, बॉक्साइट की कीमतों में नरमी के किसी भी प्रभाव की भरपाई करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि करीब एक साल बाद, जब वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतें बढ़ेंगी, तो डेट लेवल्स (Debt Levels) में धीरे-धीरे कमी आएगी। गिनी में कैपेक्स (Capex) काफी हद तक पूरा हो चुका है, और अगले 1-1.5 साल में और निवेश की उम्मीद है।