📉The Financial Deep Dive
Aro Granite Industries ने Q3 FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 51.2% की भारी गिरावट आई है, जो ₹1,469.12 Lacs पर आ गया है। पिछले साल यह ₹3,011.69 Lacs था।
इस भारी गिरावट का सीधा असर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ा है। नतीजतन, इस तिमाही में नेट लॉस (Net Loss) बढ़कर ₹297.43 Lacs हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में मामूली ₹0.44 Lacs का लॉस था। इसके चलते, बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी गिरकर ₹(1.92) हो गया, जो पिछले साल ₹0.02 था।
नौ महीनों (Nine Months) के पीरियड में, जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ, रेवेन्यू में भी 35.6% की बड़ी साल-दर-साल (YoY) गिरावट देखी गई, जो ₹6,199.70 Lacs रहा।
हालांकि, इस नौ महीने की अवधि में नेट लॉस में कुछ सुधार हुआ है। यह ₹541.03 Lacs रहा, जो पिछले साल ₹644.54 Lacs था। नौ महीनों के लिए बेसिक ईपीएस ₹(3.58) रहा, जो पिछले साल ₹(4.10) से बेहतर है।
सेगमेंट के प्रदर्शन पर नजर डालें तो, क्वार्ट्ज डिविजन (Quartz Division) ने Q3 FY26 में ₹(112.55) Lacs का सेगमेंट रिजल्ट दिया और नौ महीनों में ₹(249.86) Lacs का। ग्रेनाइट स्लैब/टाइल्स डिविजन (Granite Slabs/Tiles Division) ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसने Q3 FY26 में ₹198.80 Lacs और नौ महीनों में ₹880.11 Lacs का रिजल्ट दिया।
🚩 Risks & Outlook
तिमाही के रेवेन्यू में आई यह तेज गिरावट और बढ़ता नेट लॉस निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का सबब हैं। यह बाजार में चल रही चुनौतियों या कंपनी के अंदरूनी ऑपरेशनल मुद्दों की ओर इशारा करता है। कंपनी ने भविष्य की संभावनाओं को लेकर कोई मैनेजमेंट गाइडेंस (Management Guidance) जारी नहीं की है, जिससे आगे का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। निवेशकों को अब ग्रेनाइट और क्वार्ट्ज, दोनों डिविजन के परफॉरमेंस ड्राइवर्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए और Q3 की इस बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों को समझाने वाले किसी भी भविष्य के खुलासे का इंतजार करना चाहिए।
गवर्नेंस के मोर्चे पर, मिस्टर वरनाथन आरुल (Mr. Varathan Arul) को शेयरहोल्डर की मंजूरी के अधीन, 5 साल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर एडिशनल डायरेक्टर (Additional Director) नियुक्त किया गया है। हालांकि, फिलहाल कंपनी का फोकस इसके फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर ही बना हुआ है।
