Arisinfra Solutions: क्रेडिट रेटिंग में उछाल, IPO के बाद आई बम्पर तेज़ी
Acuité Ratings & Research ने Arisinfra Solutions Limited (AISL) की ₹150.00 Cr की बैंक फैसिलिटीज़ को 'ACUITE BBB' की लॉन्ग-टर्म रेटिंग और 'Stable' आउटलुक दिया है। यह रेटिंग कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस और जून 2025 में सफल Initial Public Offering (IPO) के बाद एक बड़ा बूस्ट है।
📉 कंपनी के नतीजे हुए बेमिसाल
Arisinfra Solutions ने ज़बरदस्त रिकवरी दिखाई है। पूरे Financial Year (FY) 25 में, कंपनी का रेवेन्यू 10.16% बढ़कर ₹767.67 Cr रहा, जो FY24 के ₹696.84 Cr से ज़्यादा है। मुनाफे में तो भारी उछाल आया: EBITDA 45.71% बढ़कर ₹48.10 Cr रहा, और EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 4.74% से सुधरकर 6.27% हो गया। सबसे अहम बात, कंपनी ने FY24 में ₹17.30 Cr के नेट लॉस से उबरकर FY25 में ₹6.01 Cr का Profit After Tax (PAT) दर्ज किया।
यह तेज़ी पहले नौ महीनों (9M) FY26 में भी जारी रही। रेवेन्यू 32.48% बढ़कर ₹724.11 Cr रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹546.52 Cr था। EBITDA में 53.80% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹72.19 Cr तक पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 9.97% हो गया, जो 9M FY25 के 8.59% से बेहतर है। PAT मार्जिन भी शानदार रहा, जो 9M FY25 के 1.19% के मुकाबले 9M FY26 में 5.32% रहा।
💰 IPO का जादू और कर्ज़-मुक्त कंपनी
AISL के फाइनेंशियल रिस्क प्रोफाइल में बड़ा सुधार आया है, जिसका श्रेय जून 2025 के IPO को जाता है, जिससे कंपनी ने ₹499.6 Cr जुटाए थे। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी ने कर्ज़ चुकाने में किया। IPO के बाद, AISL ने ₹203.19 Cr का डेट चुकाया, जिसके चलते दिसंबर 2025 तक कंपनी पर ज़ीरो लॉन्ग-टर्म डेट रह गया।
IPO से पहले, Gearing (Debt to Equity) रेश्यो FY24 में 1.94 गुना था, जो FY25 में घटकर 1.46 गुना रह गया। इसी तरह, Debt/EBITDA रेश्यो FY24 के 15.04 गुना से घटकर FY25 में 6.02 गुना हो गया। 9M FY26 तक, कंपनी का नेट वर्थ लगभग ₹718 Cr तक पहुंच गया, जो FY24 के ₹142.13 Cr से काफी ज़्यादा है।
💡 लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल
कंपनी की लिक्विडिटी (तरलता) फिलहाल ठीक-ठाक है। FY25 में नेट कैश अक्रूअल ₹9.31 Cr रहा और FY26 के लिए यह ₹49.42–68.99 Cr रहने का अनुमान है। सितंबर 2025 तक कंपनी के पास ₹122.58 Cr का अन-एनकम्बर्ड कैश बैलेंस था। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशन वर्किंग-कैपिटल इंटेंसिव बना हुआ है। Debtor कलेक्शन पीरियड FY25 में सुधरकर 155 दिन हो गया, लेकिन ग्रॉस करंट एसेट डेज़ 267 दिन रहे और नेट वर्किंग कैपिटल साइकिल 74 दिन (31 दिसंबर, 2025 तक) रहा।
🚩 चुनौतियां और भविष्य का नज़रिया
इस रेटिंग में प्रमोटरों का लंबा इंडस्ट्री अनुभव और Larsen & Toubro Limited और Tata Projects Limited जैसे बड़े क्लाइंट्स का होना शामिल है। हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे कि वर्किंग-कैपिटल पर निर्भरता, Debtor कलेक्शन में लगने वाला समय और रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की साइक्लिकल प्रकृति।
'Stable' आउटलुक इस उम्मीद पर आधारित है कि कंपनी अपना परफॉरमेंस बनाए रखेगी और IPO के बाद बेहतर कैपिटल स्ट्रक्चर के दम पर फाइनेंशियल पोजीशन को और मज़बूत करेगी।
