Ardee Industries IPO: एंकर निवेशकों ने लगाए ₹128 करोड़, IPO खुला 5 अगस्त को

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Ardee Industries IPO: एंकर निवेशकों ने लगाए ₹128 करोड़, IPO खुला 5 अगस्त को

Ardee Industries ने अपने ₹425.9 करोड़ के IPO से पहले सात एंकर निवेशकों से ₹127.76 करोड़ जुटाए हैं। लीड रीसाइक्लिंग कंपनी के लिए सब्सक्रिप्शन 5 अगस्त को खुलेगा और 7 अगस्त को बंद होगा, जिसका प्राइस बैंड ₹50-53 प्रति शेयर है। निवेशक शेयर बिक्री के बाद कंपनी की वर्किंग कैपिटल और कर्ज चुकाने की क्षमता पर नजर रखेंगे।

IPO से पहले जुटाए ₹128 करोड़

नई दिल्ली स्थित लीड रीसाइक्लिंग फर्म Ardee Industries ने अपने एंकर निवेशक राउंड को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे कंपनी को ₹127.76 करोड़ मिले हैं। यह फंड जुटाना कंपनी के ₹425.9 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले हुआ है, जो 5 अगस्त को आम निवेशकों के लिए खुलेगा और 7 अगस्त तक चलेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹50 से ₹53 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

एंकर निवेशकों की भागीदारी

एंकर राउंड में, ₹53 के ऊपरी प्राइस बैंड पर 2.41 करोड़ इक्विटी शेयर बांटे गए। इसमें Bank of India Small Cap Fund, Bengal Finance & Investment, और Winro Commercial जैसे बड़े निवेशकों ने करीब ₹25 करोड़ का निवेश किया। वहीं, Bharat Value Fund और India Max Investment Fund ने ₹20 करोड़ का योगदान दिया, जबकि Catalyst New India Fund और Cognizant Capital Dynamic Opportunities Fund ने ₹6.37 करोड़ का निवेश किया।

IPO का स्ट्रक्चर और फंड का इस्तेमाल

इस IPO में ₹320 करोड़ का फ्रेश इश्यू और प्रमोटरों द्वारा 1.99 करोड़ शेयरों की ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है, जिससे ₹105.9 करोड़ जुटाए जाएंगे। कंपनी इस फंड का एक बड़ा हिस्सा, यानी ₹220 करोड़, अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, ₹20 करोड़ मौजूदा कर्ज के भुगतान के लिए रखे गए हैं, और बाकी बचे फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

Ardee Industries का बिजनेस मॉडल

Ardee Industries रीसाइक्लिंग सेक्टर में काम करती है, खासकर पुरानी एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स से नॉन-फेरस मेटल निकालने पर फोकस करती है। कंपनी प्योर लेड और विभिन्न लेड एलॉयज बनाती है, जो ऑटोमोटिव, ई-मोबिलिटी और एनर्जी स्टोरेज इंडस्ट्रीज को सप्लाई किए जाते हैं। चूंकि यह बिजनेस स्क्रैप की उपलब्धता और कीमतों पर निर्भर करता है, इसलिए शेयरधारकों के लिए रीसाइक्लिंग ऑपरेशंस की दक्षता और कच्चे माल की लागत का प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।

आगे क्या?

जैसे-जैसे कंपनी IPO प्रक्रिया में आगे बढ़ रही है, निवेशक इस बात पर ध्यान देंगे कि वह अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए नए फंड का कितनी प्रभावी ढंग से उपयोग करती है। हालांकि फंड वर्किंग कैपिटल और कर्ज में कमी के लिए रखे गए हैं, लेकिन कंपनी का भविष्य लेड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रीसाइक्लिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिमों के प्रबंधन पर निर्भर करेगा। इस इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर Pantomath Capital Advisors है। 7 अगस्त को सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद, फोकस शेयर अलॉटमेंट स्टेटस और एक्सचेंजों पर स्टॉक की लिस्टिंग पर रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.