ArcelorMittal ने ब्राजील में अपने ऑपरेशंस को विस्तार देने के लिए **R$10 बिलियन** के नए इन्वेस्टमेंट साइकिल का ऐलान किया है। सरकारी एंटी-डंपिंग नीतियों के बाद कंपनी अब हाई-वैल्यू स्टील के उत्पादन पर पूरा जोर दे रही है।
दुनिया की दिग्गज स्टील निर्माता कंपनी ArcelorMittal अब ब्राजील में अपने फुटप्रिंट को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी ने R$10 बिलियन का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान तैयार किया है, जिसका मुख्य मकसद ऑटोमोटिव, कंस्ट्रक्शन और होम एप्लायंस इंडस्ट्रीज को प्रीमियम स्टील सप्लाई करना है। यह बड़ा फैसला सरकार द्वारा विदेशी स्टील पर लगाए गए एंटी-डंपिंग ड्यूटी के बाद आया है, जिसने स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए बाजार को अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
टबराव यूनिट पर खास फोकस
इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा, करीब R$4 बिलियन से R$5 बिलियन, एस्पिरिटो सेंटो (Espírito Santo) स्थित टबराव (Tubarão) यूनिट में लगाया जाएगा। यहाँ कंपनी एक नया कोल्ड स्ट्रिप मिल और कंटीन्यूअस कोटिंग लाइन लगाने की योजना बना रही है। इससे पहले कंपनी ने मिनास गेरैस (Minas Gerais) में R$2.5 बिलियन की लागत से आयरन ओर प्रोसेसिंग फैसिलिटी शुरू की थी, जो उनकी सप्लाय चेन को और मजबूती देती है।
एंटी-डंपिंग का असर
ब्राजील सरकार की सख्त नीतियों के कारण चीन से आने वाले फ्लैट स्टील का मार्केट शेयर 25% से घटकर लगभग 16% पर आ गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, इस स्टेबिलिटी ने कंपनी को बड़े निवेश के लिए प्रोत्साहित किया है, हालांकि उनका लॉन्ग-टर्म गोल इसे 10% के स्तर तक लाने का है।
पेसेम (Pecém) प्लांट और रिस्क फैक्टर्स
कंपनी अपनी पेसेम प्लांट में भी R$5 बिलियन के निवेश पर विचार कर रही है, जिसका फैसला 2026 के अंत तक लिया जाएगा। हालांकि कंपनी का ब्राजील में बिजनेस काफी मजबूत है—जिसने केवल Q2 2026 में $3.15 बिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया—लेकिन 'Cost of Brazil' यानी महंगी बिजली, लॉजिस्टिकल अड़चनें और जटिल रेगुलेटरी नियम अब भी कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकते हैं।
