दमदार नतीजे और भविष्य की तैयारी
Apollo Tyres ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue from operations) पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 11.76% बढ़कर ₹77,430.77 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट (PAT) में 39.52% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹4,705.18 मिलियन रहा। इससे पहले, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में भी 55.65% की बड़ी उछाल के साथ यह ₹7,231.09 मिलियन रहा। प्रति शेयर आय (EPS) भी बढ़कर ₹7.43 हो गई, जो पिछले साल ₹5.31 थी।
मार्जिन में सुधार और 9 महीने का प्रदर्शन
कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA margin) में भी सुधार देखने को मिला, जो Q3 FY26 में बढ़कर 15.32% हो गया, जबकि Q3 FY25 में यह 13.67% था। नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 6.08% तक पहुंच गया। हालांकि, 9 महीने (9M FY26) के दौरान रेवेन्यू 7.28% बढ़कर ₹211,349.26 मिलियन रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट (PAT) 20.97% घटकर ₹7,414.43 मिलियन रहा। यह गिरावट पिछले साल के कुछ बड़े 'एक्सेप्शनल आइटम्स' (exceptional items) की वजह से है, जैसे कि कर्मचारी पुनर्गठन और सब्सिडियरी का बंद होना।
₹5,810 करोड़ का मेगा विस्तार प्लान
सबसे खास बात यह है कि Apollo Tyres ने अपने आंध्र प्रदेश प्लांट में क्षमता विस्तार के लिए ₹5,810 करोड़ के भारी-भरकम निवेश को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत, कंपनी सालाना करीब 3.7 मिलियन पैसेंजर कार रेडियल (PCR) टायरों और 1.3 मिलियन ट्रक बस रेडियल (TBR) टायरों का उत्पादन बढ़ाएगी। यह विस्तार FY2029 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। यह कदम भारतीय ऑटोमोटिव और टायर मार्केट, खासकर PCR और TBR सेगमेंट में Apollo Tyres की मजबूत पकड़ बनाने की मंशा को दर्शाता है।
शेयरधारकों को डिविडेंड और कर्ज में कमी
कंपनी ने इस तिमाही में ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) भी घोषित किया है, जो शेयरधारकों के लिए एक और अच्छी खबर है। कंपनी अपने कर्ज को कम करने में भी सफल रही है। दिसंबर 2025 तक डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity ratio) घटकर 0.14 रह गया है, जो मार्च 2025 में 0.25 था। इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) भी सुधरकर 10.25x हो गया है, और करंट रेशियो (Current Ratio) 1.37 तक पहुंच गया है। यह विस्तार प्रोजेक्ट अंदरूनी कमाई और कर्ज के मिश्रण से फंड किया जाएगा।
