📈 नतीजों का पूरा ब्योरा
Apollo Tyres Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.76% बढ़कर ₹7,743.08 करोड़ (या ₹77,430.77 मिलियन) पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 39.51% की शानदार उछाल देखी गई और यह ₹470.52 करोड़ (या ₹4,705.18 मिलियन) रहा। कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) में भी सुधार हुआ, जो पिछले साल के 13.67% से बढ़कर 15.32% हो गई। नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 4.87% से बढ़कर 6.08% पर पहुंच गया। प्रति शेयर आय (Basic EPS) भी ₹5.31 से बढ़कर ₹7.43 हो गई।
कंपनी का स्टैंडअलोन (Standalone) प्रदर्शन भी काफी दमदार रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 13.19% बढ़कर ₹5,138.99 करोड़ (या ₹51,389.93 मिलियन) पर पहुंचा। सबसे खास बात यह है कि स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 263.56% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹449.05 करोड़ (या ₹4,490.53 मिलियन) रहा। स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग मार्जिन 11.09% से बढ़कर 14.53% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 2.72% से बढ़कर 8.74% पर पहुंच गया। स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस (Basic EPS) ₹1.94 से बढ़कर ₹7.09 हो गया।
💰 फाइनेंशियल हेल्थ में मजबूती
Apollo Tyres ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को भी काफी मजबूत किया है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity ratio) घटकर 0.14x रह गया है, जो एक साल पहले 0.25x था। इसी तरह, स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी रेश्यो भी 0.31x से सुधरकर 0.19x हो गया है। कर्ज चुकाने की कंपनी की क्षमता में भी सुधार आया है। कंसोलिडेटेड इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेश्यो (ISCR) 7.52x से बढ़कर 10.25x हो गया है, जबकि स्टैंडअलोन ISCR 4.89x से बढ़कर 10.02x पर पहुंच गया है। कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) भी बेहतर हुई है, जिसका संकेत कंसोलिडेटेड करंट रेश्यो (Current Ratio) 1.28x से बढ़कर 1.37x और स्टैंडअलोन करंट रेश्यो 1.09x से बढ़कर 1.29x होना है।
🚀 भविष्य की तैयारी: बड़ा विस्तार और डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक बड़े फैसले में आंध्र प्रदेश स्थित अपने प्लांट में क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट पैसेंजर कार रेडियल (PCR) और ट्रक बस रेडियल (TBR) सेगमेंट पर केंद्रित होगा और इसमें अनुमानित ₹5,810 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह विस्तार वित्त वर्ष 2029 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि इन सेगमेंट्स में आने वाले समय में डिमांड (Demand) मजबूत रहने की उम्मीद है। इस विस्तार के लिए फंड कंपनी की आंतरिक कमाई (Internal Accruals) और कर्ज (Debt) के मिश्रण से जुटाया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹3.50 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का भी ऐलान किया है, जो शेयरधारकों के लिए एक और अच्छी खबर है। यह डिविडेंड कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
🚩 चुनौतियां और आगे का रास्ता
निवेशकों के लिए मुख्य बात यह है कि इस बड़े विस्तार योजना के लिए भारी पूंजी निवेश (Capital Outlay) की आवश्यकता होगी और इसके लिए कंपनी नया कर्ज भी ले सकती है। हालांकि, कंपनी की घटती कर्ज-इक्विटी रेश्यो और बढ़ती कवरेज रेश्यो सकारात्मक संकेत हैं, पर इस योजना की सफलता भविष्य की मांग के सटीक अनुमान और कुशल कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। निवेशकों को बाजार की चाल और कंपनी की नई क्षमता को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
