Apollo Tyres Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही में बाज़ार को प्रभावित करने वाला प्रदर्शन किया है. कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11.8% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो ₹77,431 Mn तक पहुंच गया. यह कंपनी के मज़बूत ऑपरेशनल कंट्रोल और डिमांड का नतीजा है.
कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी, यानी EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization), में 25.2% का उछाल देखा गया और यह ₹11,859 Mn पर पहुंच गया. इस EBITDA में हुई बढ़ोतरी ने मार्जिन को भी ऊपर खींचा, जो 165 बेसिस पॉइंट्स (bps) बढ़कर 15.3% हो गए.
इस मज़बूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस का सीधा असर कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) पर पड़ा, जो तिमाही आधार पर 39.5% बढ़कर ₹4,703 Mn रहा. हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के अब तक के (Year-To-Date - YTD) कंसोलिडेटेड PAT में 20.9% की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट की वजह कुछ खास 'एक्सेप्शनल आइटम्स' (exceptional items) का अधिक होना बताया जा रहा है, जो कंपनी के सालाना नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं.
कंपनी की India ऑपरेशंस इस तिमाही की स्टार परफॉर्मर रहीं. यहाँ रिकॉर्ड ₹51,390 Mn का रेवेन्यू दर्ज किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले 13.2% ज़्यादा है. इंडिया EBITDA में भी 48.3% का शानदार इज़ाफ़ा हुआ, जिससे मार्जिन 11.1% से बढ़कर 14.5% हो गया. इसी का नतीजा है कि इंडिया का स्टैंडअलोन PAT 264% की तूफानी तेज़ी के साथ ₹4,491 Mn पर पहुंच गया.
वहीं, यूरोपियन मार्केट्स में कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा. यहाँ रेवेन्यू में 0.5% की मामूली गिरावट आकर यह €180 Mn रहा. हालांकि, यूरोप में EBITDA मार्जिन 15 bps बढ़कर 17.9% पर पहुंच गया, जो विंटर टायरों की सीजनल डिमांड से प्रेरित था. कंपनी का फोकस यहाँ ऑपरेशंस को बेहतर बनाने और मार्केट रिकवरी के साथ प्रदर्शन सुधारने पर है.
Apollo Tyres ने अपनी फाइनेंसियल हेल्थ को भी मज़बूत किया है. मार्च 2026 तक (Q3 FY26) कंपनी का नेट डेट (Net Debt) ₹13 Bn घटा है, जिसका मुख्य कारण मज़बूत ऑपरेशनल कैश फ्लो रहा. नेट डेट टू EBITDA रेशियो पिछले बारह महीनों (TTM) के आधार पर केवल 0.4x के हेल्दी लेवल पर बना हुआ है. फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के YTD में कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) ₹16 Bn रहा, जबकि Q3 FY26 में कंपनी ने ₹3 Bn का फ्री कैश फ्लो (FCF) जेनरेट किया. पिछले बारह महीनों (TTM) के लिए कंसोलिडेटेड ROCE 12.5% रहा, और एनुअलाइज्ड ROCE 13.4% पर था.
आगे चलकर, Apollo Tyres का लक्ष्य प्रॉफिटेबल ग्रोथ को बनाए रखना और रिटर्न रेश्यो को बेहतर बनाना है. खास तौर पर Vredestein ब्रांड, प्रीमियम पैसेंजर कार सेगमेंट (PCR) में रिकॉर्ड वॉल्यूम हासिल कर रहा है. जबकि India एक मज़बूत ग्रोथ इंजन बना हुआ है, यूरोप में डिमांड रिकवरी और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के ज़रिए ऑपरेशनल परफॉरमेंस सुधारना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा. निवेशकों को एक्सेप्शनल आइटम्स के सालाना प्रॉफिटेबिलिटी पर असर और यूरोपियन मार्केट में स्ट्रेटेजी एग्जीक्यूशन पर नज़र रखनी चाहिए.
