₹5,810 करोड़ का महा-निवेश: Future का प्लान
Apollo Tyres अब पैसेंजर कार रेडियल (PCR) और ट्रक व बस रेडियल (TBR) टायरों की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसके लिए कंपनी FY29 तक अपने आंध्र प्रदेश स्थित प्लांट में ₹5,810 करोड़ का कैपिटल आउटले करने जा रही है। इस विस्तार से हर साल करीब 3.7 मिलियन (37 लाख) PCR टायर और 1.3 मिलियन (13 लाख) TBR टायरों की अतिरिक्त प्रोडक्शन कैपेसिटी जुड़ जाएगी। यह बड़ा निवेश कंपनी की अपनी आंतरिक कमाई (Internal Accruals) और कर्ज (Debt) के मिश्रण से होगा। कंपनी का यह कदम भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर और टायर मार्केट में मिड-टर्म से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं पर मैनेजमेंट के मजबूत भरोसे को दिखाता है। इस खबर के आने के बाद 4 फरवरी 2026 को Apollo Tyres के शेयर में 1.53% की तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ। उस समय कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹32,000 - ₹32,600 करोड़ के बीच था, और शेयर की क्लोजिंग प्राइस ₹512.65 थी। पिछले 52 हफ्तों में शेयर ₹370.90 से ₹540.50 के बीच ट्रेड कर चुका है।
Q3 FY26 के नतीजे: Profit में 40% की छलांग!
इस बड़ी इन्वेस्टमेंट की घोषणा का आधार कंपनी के Q3 FY26 के शानदार फाइनेंशियल नतीजे रहे। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में Apollo Tyres का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 40% बढ़कर ₹471 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹7,743 करोड़ रहा। इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे कंपनी की डोमेस्टिक सेल्स का बड़ा योगदान रहा, जिसमें रिप्लेसमेंट, एक्सपोर्ट्स और OEM सेगमेंट शामिल हैं। यूरोप में भी कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा। हालांकि, Apollo Tyres का नेट प्रॉफिट मार्जिन (लगभग 4.76% FY25 में) niche कॉम्पिटिटर्स जैसे Balkrishna Industries (जिसका मार्जिन 15.84% है) से कम है, लेकिन कंपनी का डिविडेंड यील्ड (लगभग 1.04%) प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। कंपनी का P/E रेशियो हाल के दिनों में 24.8x से 41.07x के बीच रहा है, जो CEAT और JK Tyre जैसे साथियों के रेंज में है, पर MRF से कम।
इंडस्ट्री आउटलुक और चुनौतियाँ
भारतीय ऑटो सेक्टर जोरदार ग्रोथ की राह पर है, और 2026 तक पैसेंजर व्हीकल सेल्स 6 मिलियन (60 लाख) यूनिट्स को पार करने का अनुमान है। यह अनुकूल माहौल Apollo Tyres के विस्तार प्लान के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। हालाँकि, टायर इंडस्ट्री को कच्चे माल, खासकर नेचुरल रबर और क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। हाल के दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतें गिरी हैं, लेकिन रबर की कीमतों में तेजी आई है, जो इनपुट लागत को प्रभावित कर सकती है। कंपनी के कर्ज-आधारित विस्तार प्लान को प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए सावधानी से मैनेज करने की ज़रूरत होगी, खासकर तब जब CEAT और JK Tyre जैसे कॉम्पिटिटर्स भी कच्चे माल की गिरती कीमतों से प्रॉफिट में बढ़ोतरी दिखा रहे हैं। एनालिस्ट्स का नजरिया काफी हद तक पॉजिटिव है। कंसेंसस 'Buy' रेटिंग और 12-18% के अनुमानित अपसाइड के साथ, एनालिस्ट्स ने ₹569.33 का एवरेज 12-महीने का टारगेट प्राइस दिया है। कुछ हालिया एनालिस्ट एडजस्टमेंट्स के बावजूद, ज्यादातर 'Neutral' रेटिंग बनाए हुए हैं, जो एग्जीक्यूशन पर कड़ी नजर रखने का संकेत देते हैं। इस बीच, बोर्ड ने ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को मंजूरी दी है, जो ग्रोथ निवेश के साथ-साथ शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
