मिर्जापुर प्लांट प्रोडक्शन के लिए तैयार
Apollo Pipes Ltd. ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। 14 अप्रैल, 2026 को शुरू हुए इस प्लांट से कंपनी की सालाना कैपेसिटी में 30,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) का इजाफा हुआ है। इस विस्तार का मकसद उत्तरी और पूर्वी भारत में कंपनी के सप्लाई चेन को और मजबूत करना है। बता दें कि इस प्लांट की शुरुआत असल में फाइनेंशियल ईयर 2025 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में होनी थी, लेकिन ऑपरेशनल रेडीनेस (operational readiness) की वजह से इसमें देरी हुई।
धुआंधार मार्केट ग्रोथ, पर वैल्यूएशन पर सवाल?
भारत में पाइप्स और फिटिंग्स का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। उम्मीद है कि 2033 तक यह मार्केट 6.5% CAGR की दर से बढ़कर लगभग USD 7,222.0 मिलियन तक पहुंच जाएगा। इस ग्रोथ का श्रेय 'जल जीवन मिशन' (Jal Jeevan Mission) जैसी सरकारी पहलों, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, शहरों का बढ़ता विस्तार और हाउसिंग डिमांड को जाता है।
ऐसे मजबूत माहौल में Apollo Pipes का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) अप्रैल 2026 के मध्य तक लगभग ₹2,019 करोड़ था। लेकिन, कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 118.65x है, जो इसके प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। Supreme Industries का P/E रेश्यो लगभग 59x, Prince Pipes and Fittings का 61-64x, और Astral Ltd. का 83x-87x के आसपास है।
मार्जिन पर दबाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की चिंता
इस सेक्टर में PVC रेजिन की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। Apollo Pipes ने भी Q1 FY26 में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन कम होने, कड़ी प्रतिस्पर्धा और PVC रेजिन की गिरती कीमतों के कारण मार्जिन पर दबाव महसूस किया है। Q3 FY26 में इन्वेंट्री लॉस और प्रोविजन्स का भी असर दिखा। कंपनी की टोटल कैपेसिटी को अगले कुछ सालों में बढ़ाकर 286,000 टन करने की योजना है।
मिर्जापुर प्लांट को 'ऑपरेशनल रेडीनेस' के कारण शुरू करने में हुई देरी, कंपनी की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (project execution) क्षमताओं पर सवाल खड़े करती है। यह चिंता, कंपनी के हाई P/E रेश्यो के साथ मिलकर एक बड़ा रिस्क पैदा करती है। हालांकि कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने 'Buy' रेटिंग दी है, लेकिन कुछ के प्राइस टारगेट मौजूदा लेवल से काफी नीचे हैं। उदाहरण के लिए, एक ब्रोकरेज फर्म का कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹260 है, जो अप्रैल 2026 के मध्य में शेयर के ₹458.45 के ट्रेडिंग प्राइस से कोसों दूर है। Yes Securities ने ₹570 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग दी है।
विस्तार की योजनाएं और ग्रोथ का लक्ष्य
Apollo Pipes अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और प्रोडक्ट रेंज को डाइवर्सिफाई करने पर फोकस कर रही है। कंपनी 2028 तक अपनी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी को 286,000 टन तक ले जाना चाहती है। इसके साथ ही, मैनेजमेंट अगले तीन से चार सालों में अपने मार्केट शेयर को दोगुना करके 5% तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कंपनी uPVC डोर्स और विंडोज जैसे नए सेगमेंट्स में भी उतर रही है।
हालांकि, Q1 FY26 के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि बढ़ी हुई कैपेसिटी को मुनाफे में बदलने और कॉम्पिटिटिव मार्केट में बने रहने के लिए बेहतर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और कॉस्ट मैनेजमेंट की जरूरत है। यह कंपनी ₹40,000-45,000 करोड़ की इंडस्ट्री में लगभग 2.5-3% मार्केट शेयर रखती है, जिससे ग्रोथ की काफी गुंजाइश है। अपने 5% के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एफिशिएंट ऑपरेशन्स और इफेक्टिव मार्जिन मैनेजमेंट सबसे जरूरी होगा।