कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है, जहाँ रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स ₹293.26 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि (Q4 FY25) के ₹161.77 करोड़ से 81.28% ज़्यादा है।
इस अवधि के लिए कंपनी का मुनाफा दोगुना से ज़्यादा होकर ₹37.62 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह सिर्फ़ ₹14 करोड़ था। इस दमदार ग्रोथ का मुख्य कारण नए ऑर्डर्स की बौछार है।
नए ऑर्डर्स का बूम
कंपनी को हाल ही में ₹510.25 मिलियन के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस से ₹174.78 मिलियन, पब्लिक सेक्टर डिफेंस अंडरटेकिंग्स से ₹95.28 मिलियन और प्राइवेट सेक्टर क्लाइंट्स से ₹240.18 मिलियन के कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने मैनेजमेंट में भी कुछ अहम बदलावों की घोषणा की है। बोर्ड ने FY27 के लिए G H Reddy & Associates को कॉस्ट ऑडिटर और E Sateesh Reddy & Associates को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है।
वहीं, कंपनी सेक्रेटरी और कम्प्लायंस ऑफिसर, Rukhya Parveen ने 31 मई से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनकी जगह G. Seshadri Vasan 1 जून से नए कंपनी सेक्रेटरी और कम्प्लायंस ऑफिसर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
डिविडेंड और कंपनी की पहचान
कंपनी ने FY26 के लिए शेयरधारकों की मंज़ूरी के अधीन, प्रति इक्विटी शेयर ₹0.25 पैसा का फाइनल डिविडेंड देने की भी सिफ़ारिश की है।
हैदराबाद स्थित यह डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी एक टियर-I ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) है, जिसके पास वेपन सिस्टम्स और डिफेंस प्लेटफॉर्म्स में एंड-टू-एंड क्षमताएं हैं। कंपनी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एम्बेडेड सिस्टम्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और गाइडेंस सिस्टम्स में विशेषज्ञता रखती है। DRDO, HAL, BEL और मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस जैसी संस्थाओं की सप्लायर होने के नाते, आर्म्स एक्ट के तहत मिसाइल सिस्टम, टॉरपीडो और एरियल बॉम्ब बनाने के लिए कंपनी का प्राधिकरण 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन में उसकी भूमिका को और मज़बूत करता है।