Antony Waste: शेयर होल्डर्स की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू में **13%** का उछाल, जापानी कंपनी ने किया बड़ा निवेश

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Antony Waste: शेयर होल्डर्स की बल्ले-बल्ले! रेवेन्यू में **13%** का उछाल, जापानी कंपनी ने किया बड़ा निवेश
Overview

Antony Waste Handling Cell ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी के रेवेन्यू में **13%** का जोरदार इजाफा देखने को मिला है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (MSW) की बढ़ी हुई मात्रा और रिफ्यूज-डिराइव्ड फ्यूल (RDF) की दमदार सेल्स की बदौलत है। इसके अलावा, कंपनी दो वेस्ट-टू-एनर्जी (WtE) प्रोजेक्ट्स के लिए जापानी कंपनी JFE Engineering से एक स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट (Strategic Investment) हासिल करने की राह पर है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

MSW और RDF की दमदार परफॉर्मेंस से रेवेन्यू में 13% का इजाफा

Antony Waste Handling Cell ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के लिए अपने कोर ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी की सुविधाओं पर संभाले गए म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (MSW) की मात्रा में 15% का इजाफा हुआ, जिससे FY26 में कुल MSW वॉल्यूम लगभग 5.69 मिलियन टन तक पहुंच गया। इसके साथ ही, कंपनी ने रिफ्यूज-डिराइव्ड फ्यूल (RDF) की रिकॉर्ड सेल्स की, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 20% अधिक रही। इससे कंपनी के नॉन-MSW रेवेन्यू को भी बढ़ावा मिला।

कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन (C&T) वॉल्यूम फाइनेंशियल ईयर के लिए लगभग 9% बढ़कर 2.12 मिलियन टन हो गए, जबकि प्रोसेसिंग वॉल्यूम 19% बढ़कर 3.6 मिलियन टन हो गए। वहीं, चौथी तिमाही में कुल MSW हैंडलिंग 23% बढ़कर 1.67 मिलियन टन रही। इसी अवधि में C&T वॉल्यूम लगभग 6% बढ़कर 0.52 मिलियन टन हुए और प्रोसेसिंग वॉल्यूम 32% बढ़कर 1.15 मिलियन टन हो गए।

हालांकि, इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन (Input Cost Inflation) ने मार्जिन पर दबाव डाला, लेकिन कंपनी के वैल्यू-एडेड आउटपुट्स (Value-added Outputs) की बेहतर कीमतों से इसे कुछ हद तक संतुलित किया जा सका। वहीं, प्रोलाॉन्गड मानसून (Prolonged Monsoon) की स्थिति के कारण डिमांड प्रभावित हुई, जिससे कंपोस्ट सेल्स लगभग 15,500 टन तक गिर गई।

JFE Engineering का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स में बड़ा निवेश

Antony Waste Handling Cell फाइनेंशियल ईयर 2027 की शुरुआत जापान की JFE Engineering Corporation से एक महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट (Strategic Investment) के साथ करने जा रही है। JFE Engineering ने दो वेस्ट-टू-एनर्जी (WtE) प्रोजेक्ट्स में 25% हिस्सेदारी के लिए लगभग 750 मिलियन येन (लगभग ₹44 करोड़) का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। हर प्रोजेक्ट को रोजाना लगभग 1,000 टन कचरे को प्रोसेस करने और लगभग 15 MW पावर जेनरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इन WtE प्रोजेक्ट्स में 20 साल के कंसेशन पीरियड (Concession Period) के दौरान लगभग ₹3,200 करोड़ के संयुक्त रेवेन्यू की अनुमानित क्षमता है। इन प्रोजेक्ट्स से ऑपरेशन्स (Operations) फाइनेंशियल ईयर 2029 की पहली तिमाही तक शुरू होने की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी का रेवेन्यू एनर्जी जनरेशन (Energy Generation) की ओर भीdiversify होगा।

स्टॉक परफॉर्मेंस और इन्वेस्टर होल्डिंग्स

Antony Waste Handling Cell के स्टॉक ने विभिन्न अवधियों में मिली-जुली परफॉर्मेंस दिखाई है। पिछले एक साल में इसके शेयर की कीमत 0.92% गिरी है, और दो साल में 0.66% नीचे आई है। यह तीन साल में 94.51% के महत्वपूर्ण लाभ के विपरीत है। पिछले 52 हफ्तों में स्टॉक ₹379.25 और ₹682.40 के बीच ट्रेड हुआ है।

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर होल्डिंग्स (Institutional Investor Holdings) में मामूली बदलाव देखे गए हैं। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) की होल्डिंग 12.81% से 1.03 प्रतिशत अंक घटकर 11.78% हो गई। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (DII) की होल्डिंग्स में 3.68% से थोड़ी वृद्धि होकर 3.72% हो गई।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.