कंपनी ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। Antariksh Industries Limited शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में संशोधन करना चाहती है, ताकि यह रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी सर्विसेज, पावर जनरेशन, टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-फूड ट्रेडिंग और एजुकेशनल सर्विसेज जैसे सात नए क्षेत्रों में विस्तार कर सके।
यह डाइवर्सिफिकेशन कंपनी के लिए ग्रोथ के नए रास्ते खोल सकता है और इसे विभिन्न सेक्टर्स में मजबूती देगा। यह बदलाव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इसके पारंपरिक रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स के कारोबार से आगे बढ़कर नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स तलाशने का मौका देगा।
इस पूरे बदलाव की कहानी नवंबर 2025 में शुरू हुई जब 75.30% हिस्सेदारी के साथ एक नए प्रमोटर, श्रीमती जितेनभाई पटेल, ने कंपनी पर नियंत्रण हासिल किया। इसके बाद बोर्ड और मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल हुए, नए डायरेक्टर्स और की मैनेजरियल पर्सनल्स की नियुक्ति की गई।
शेयरहोल्डर्स के पास अब इस MOA संशोधन को मंजूरी देने या खारिज करने की सीधी शक्ति होगी। यह मंजूरी 26 फरवरी से 27 मार्च 2026 तक चलने वाली पोस्टल बैलट और रिमोट ई-वोटिंग प्रक्रिया के माध्यम से दी जाएगी।
हालांकि, इस बड़े विस्तार में कुछ जोखिम भी हैं। कई नए सेक्टर्स में एक साथ विस्तार करने के लिए मजबूत मैनेजमेंट और ऑपरेशनल क्षमता की आवश्यकता होगी। इसके लिए पर्याप्त फंडिंग जुटाना भी एक चुनौती होगी। कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, Q3 FY26 में कंपनी को ₹4.00 लाख का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल Q3 FY25 में ₹8.70 लाख का मुनाफा था। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा।
अपने रियल एस्टेट क्षेत्र के साथियों जैसे DLF Ltd., Lodha Developers Ltd., और Prestige Estates Projects Ltd. के मुकाबले, Antariksh Industries अब नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रही है।
शेयरहोल्डर्स की वोटिंग का नतीजा 27 मार्च 2026 के दो वर्किंग डेज़ के भीतर आने की उम्मीद है। इसके बाद, मैनेजमेंट की योजनाओं और नए बिजनेस सेग्मेंट्स के लिए कैपिटल एलोकेशन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।