ऑस्ट्रेलियाई सेफ्टी गियर कंपनी Ansell ने कोयंबटूर में अपने **17 एकड़** के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत की है। इस प्लांट का मकसद ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ भारत के तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर की जरूरतों को पूरा करना है।
ऑस्ट्रेलियाई मल्टीनेशनल कंपनी Ansell ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने नए 17 एकड़ के ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का परिचालन शुरू कर दिया है। यह कदम कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अमेरिका, यूरोप और भारत के हेल्थकेयर बाजारों में सर्जिकल उपकरणों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। यह इकाई हाई-स्पेसिफिकेशन सर्जिकल कंज्यूमेबल्स के उत्पादन पर केंद्रित होगी।
ग्लोबल हेल्थकेयर में उत्पादन का विस्तार
कोयंबटूर की यह साइट कंपनी की सबसे आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक है। Ansell दुनिया भर में सालाना करीब 10 अरब ग्लव्स की सप्लाई करती है, ऐसे में यह भारतीय प्लांट कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रमुख कड़ी साबित होगा। कंपनी का हेल्थकेयर डिवीजन, जो सर्जिकल कंज्यूमेबल्स और क्लीनरूम प्रोडक्ट्स बनाता है, उसके कुल $2.1 अरब के सालाना रेवेन्यू में से करीब $1.2 अरब का योगदान देता है।
भारतीय बाजार पर नजर
कंपनी अब भारत के बढ़ते हेल्थकेयर बाजार पर भी दांव लगा रही है। यहाँ के अस्पताल और लैब्स अब पाउडर वाले ग्लव्स की जगह हाई-क्वालिटी पाउडर-फ्री विकल्पों को अपना रहे हैं, और Ansell इस प्रीमियम सेगमेंट में अपनी मजबूत पैठ बनाना चाहती है।
सस्टेनेबिलिटी और ऑपरेशनल चुनौतियां
यह फैसिलिटी 'जीरो वॉटर डिस्चार्ज' और नेट-जीरो अनुपालन के लक्ष्यों के साथ बनाई गई है। हालांकि, निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे शुरुआती चरण में ऑपरेशनल लागत को मैनेज करती है। भारतीय बाजार में स्थानीय खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और लेटेक्स (latex) व नाइट्राइल (nitrile) जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन के लिए आगामी तिमाहियों में बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
