Ambuja Cements Share: नतीजे उम्मीद से कमजोर, ब्रोकरेज की 'BUY' कॉल जारी! जानें आगे क्या?

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Ambuja Cements Share: नतीजे उम्मीद से कमजोर, ब्रोकरेज की 'BUY' कॉल जारी! जानें आगे क्या?
Overview

Ambuja Cements (ACEM) के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे उम्मीदों से पिछड़े।

नतीजों पर एक नज़र (The Numbers Story)

Ambuja Cements (ACEM) ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 53% बढ़कर ₹13.5 बिलियन जरूर रहा, लेकिन यह एनालिस्ट्स के अनुमान से 24% कम था।

इसी तरह, EBITDA प्रति टन 33% बढ़कर ₹716 रहा, जो कि अनुमानित ₹953 प्रति टन से काफी कम है। ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस में बढ़ोतरी, खासकर वन-ऑफ कॉस्ट (one-off costs) के कारण, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन करीब 13% पर सिमट गया, जबकि अनुमान 18% का था।

इन सब वजहों से, एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 76% की भारी गिरावट आई और यह ₹1.1 बिलियन पर आ गया, जो कि अनुमान से 81% कम था।

ब्रोकरेज की राय और भविष्य की राह (Analyst's View & Way Forward)

इन नतीजों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Ambuja Cements पर अपना भरोसा कायम रखा है और BUY रेटिंग को बरकरार रखा है। फर्म का मानना है कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में रिकवरी आएगी।

Motilal Oswal का अनुमान है कि EBITDA प्रति टन FY26 में अनुमानित ₹976 से बढ़कर FY27 में ₹1,048 और FY28 में ₹1,105 हो जाएगा।

Motilal Oswal के हिसाब से, कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन वैल्यूएशन (Valuation) के हिसाब से काफी आकर्षक है। यह FY27E और FY28E के लिए 16x और 14x EV/EBITDA मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहा है, जो कि सेक्टर के दूसरे बड़े प्लेयर्स जैसे UltraTech Cement (जो 20-22x EV/EBITDA पर ट्रेड करता है) की तुलना में कम है।

Motilal Oswal ने Ambuja Cements के लिए ₹600 का टारगेट प्राइस तय किया है। फर्म का मानना है कि कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावना और भारतीय सीमेंट सेक्टर के मजबूत आउटलुक को देखते हुए यह शेयर अपने निवेशकों के लिए अच्छा साबित होगा।

भारतीय सीमेंट सेक्टर में FY27 तक 7-9% की ग्रोथ का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेक्टर की लगातार बढ़ती डिमांड है। हालांकि, एनर्जी कॉस्ट (Energy Cost) में बढ़ोतरी और कुछ जगहों पर सप्लाई-डिमांड (Supply-Demand) की दिक्कतें निकट भविष्य में थोड़ी चुनौतियां पेश कर सकती हैं।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.