कैपेक्स कटौती की असली वजहें: प्रोजेक्ट में बड़ी गड़बड़ियां
Ambuja Cements के प्रमोटर करण अडानी ने निवेशकों को इस फैसले के पीछे की वजहों का खुलासा करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) में गंभीर खामियां पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि गलत ठेकेदारों (Contractors) का चुनाव, अधिग्रहण के समय समर्पित एग्जीक्यूशन टीमों (Execution Teams) की कमी, और इंजीनियरिंग प्लान्स (Engineering Plans) के पूरी तरह तैयार होने से पहले ही प्रोजेक्ट्स शुरू कर देना, इन समस्याओं का मुख्य कारण रहा।
हाल के अधिग्रहणों का खराब प्रदर्शन
कंपनी के हालिया अधिग्रहण, Sanghi Cement और Penna Cement, में खास तौर पर ऑपरेशनल दिक्कतें देखी जा रही हैं। करण अडानी के अनुसार, इन प्लांट्स में ब्रेकडाउन (Breakdowns), मेंटेनेंस में देरी और रिलायबिलिटी (Reliability) में कमी के कारण प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। Sanghi Cement फिलहाल अपनी 56% कैपेसिटी पर चल रहा है, जबकि Penna Cement केवल 46% कैपेसिटी का इस्तेमाल कर पा रहा है। यह Ambuja की मौजूदा एसेट्स (Assets) के 75-80% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) और Orient Cement की फुल कैपेसिटी के मुकाबले काफी कम है।
बढ़ती लागतों का दबाव
इसके अलावा, Ambuja Cements बढ़ती लागतों से भी जूझ रही है। फ्रेट (Freight), फ्यूल इन्फ्लेशन (Fuel Inflation), पैकेजिंग (Packaging), स्टेट टैक्सेस (State Taxes) और ब्रांडिंग एक्सपेंसेस (Branding Expenses) में उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए प्रोडक्शन कॉस्ट (Production Cost) प्रति टन औसतन लगभग ₹4,400 रही, जो कंपनी के ₹4,000 के टारगेट से ऊपर है। हालांकि, मार्च में इसमें मामूली सुधार देखा गया और यह ₹4,100 पर आ गई। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के अंत तक अपनी कैपेसिटी को 119 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ाना है, लेकिन अब इन प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन (Timeline) पर फिर से विचार किया जा रहा है।
एग्जीक्यूशन पर फोकस और सेलेक्टिव ग्रोथ
Ambuja Cements ग्रोथ के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन अब कंपनी अपनी अंतिम टारगेट्स को बदलने के बजाय प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन को एडजस्ट (Adjust) कर रही है। अगले छह महीनों में, कंपनी इंजीनियरिंग टास्क (Engineering Tasks) को पूरा करने, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन स्टैंडर्ड्स (Project Execution Standards) को मजबूत करने और प्लांट रिलायबिलिटी (Plant Reliability) को बेहतर बनाने पर जोर देगी। भविष्य में विस्तार (Expansion) अधिक सेलेक्टिव (Selective), कॉस्ट-कॉन्शियस (Cost-conscious) और रणनीतिक होगा, ताकि मौजूदा मार्केट शेयर (Market Share) और लॉजिस्टिक्स (Logistics) को और मजबूत किया जा सके। नियोजित प्रोजेक्ट्स में असम (Assam) में एक नया लाइमस्टोन ब्लॉक (Limestone block) और मुंद्रा (Mundra) में एक क्लिंकर लाइन (Clinker line) शामिल है।
