Amber Enterprises ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब एसी (AC) से हटकर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। इसके लिए कंपनी ने ₹6,785 करोड़ के बड़े निवेश और नई सब्सिडियरी Amber Digital Technologies के गठन का ऐलान किया है।
बिजनेस का नया स्वरूप
Amber Enterprises अपनी पारंपरिक एयर कंडीशनर मैन्युफैक्चरिंग की पहचान को पीछे छोड़कर अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) में एक बड़ी ताकत बनने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के तहत कंपनी ने जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) साइट पर नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने के लिए ₹6,785 करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार किया है। इस नए सफर के लिए कंपनी ने सितंबर 2026 में 'Amber Digital Technologies Private Limited' नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी भी बनाई है, जो मोबाइल फोन निर्माण पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेगी।
डायवर्सिफिकेशन का दम
कंपनी का यह कदम एसी बिजनेस के सीजनल दबाव से बचने की एक बड़ी कोशिश है। हाल के समय में एसी के वॉल्यूम में दबाव देखने को मिला है। अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने Power-One, Unitronics और Shogini Technoarts जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया है। अब Amber Enterprises इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से लेकर स्पेशलाइज्ड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 में इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन में 40% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।
रिस्क और फाइनेंशियल चुनौतियां
ग्रोथ प्लान जितना बड़ा है, चुनौतियां भी उतनी ही स्पष्ट हैं। कॉपर और गोल्ड जैसे रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों और करेंसी के उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी के ऑपरेशनल मार्जिन पर दबाव है। हालांकि, कंपनियां अक्सर लागत बढ़ने पर उसे ग्राहकों पर शिफ्ट करती हैं, लेकिन इसमें वक्त लगता है। इसके अलावा, इतने बड़े पैमाने पर कैपिटल खर्च (CAPEX) से कंपनी के कैश फ्लो और कर्ज के स्तर को लेकर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹12,306.63 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया था, और अब सबकी नजरें आने वाले तिमाही नतीजों पर हैं।
निवेशकों के लिए अगला कदम
इन्वेस्टर्स फिलहाल कंपनी के अगले फाइनेंशियल अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी की ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी गई है। नतीजे आने पर केवल प्रॉफिट के आंकड़े ही नहीं, बल्कि YEIDA प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस और मार्जिन पर रॉ मटेरियल की कीमतों के असर पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर बाजार की बारीक नजर होगी।
