इलेक्ट्रॉनिक्स और रेलवे में तूफानी तेजी!
कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन ग्रोथ का बड़ा इंजन साबित हो रहा है, जिसने पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में रेवेन्यू को 49% तक बढ़ाया है और FY27 के लिए 40% ग्रोथ का अनुमान है। Ascent Circuits, Power-One और Unitronics जैसी कंपनियों के अधिग्रहण और Korea Circuit के साथ साझेदारी ने इस ग्रोथ को रफ्तार दी है। कंपनी अब Hosur में मल्टी-लेयर PCB फैसिलिटी और ECMS स्कीम के तहत विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि 'मेक इन इंडिया' पहल का लाभ उठाया जा सके और इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन को बढ़ावा मिले।
वहीं, कोर RAC (Room Air Conditioner) बिजनेस में भी Q4 FY26 में 7% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर में यह 14% रही। हाल की गर्मी की लहरों के कारण RAC की डिमांड में तेजी आई है, और इंडस्ट्री में Q1 FY27 में 20% तक की ग्रोथ की उम्मीद है। इसके अलावा, रेलवे सब-सिस्टम्स एंड मोबिलिटी सेगमेंट ने Q4 FY26 में 22% की शानदार ग्रोथ दिखाई है और FY27 में 30-35% के विस्तार का अनुमान है, जो ₹2,600 करोड़ के बड़े ऑर्डर बुक का समर्थन करता है।
भविष्य के लिए बड़ा कैपेक्स प्लान
Amber Enterprises भविष्य की ग्रोथ को भुनाने के लिए बड़ा दांव खेल रही है। कंपनी FY27 में ₹1,800-2,000 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है। यह निवेश PCB मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स लोकलाइजेशन और रेलवे डिवीज़न को बढ़ाने पर केंद्रित होगा। इस विस्तार के लिए कंपनी ने Qualified Institutional Placement (QIP) और Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) के जरिए लगभग ₹2,707 करोड़ सफलतापूर्वक जुटाए हैं।
मार्जिन पर दबाव और वैल्यूएशन की चिंता
इन सबके बीच, कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। इनपुट कॉस्ट (जैसे कॉपर क्लेड लैमिनेट) में बढ़ोतरी और करेंसी में गिरावट के कारण मार्जिन करीब 50 बेसिस पॉइंट्स कम हुए हैं। हालांकि Q4 में नेट प्रॉफिट (PAT) ग्रोथ 27% रही, लेकिन पूरे FY26 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9.83% घटा। कंपनी का मौजूदा स्टॉक वैल्यूएशन भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, जिसके चलते नतीजों के बाद शेयर में 16% तक की गिरावट देखी गई। कंपनी पर लगभग ₹1,425 करोड़ का कर्ज भी है।
एनालिस्ट्स की राय और लंबी अवधि का आउटलुक
इन चिंताओं के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) Amber Enterprises को 'Buy' या 'Add' की रेटिंग दे रहे हैं। उनका मानना है कि भारत का RAC मार्केट FY29 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुँच सकता है, और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी भारी ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी की स्ट्रैटेजिक पोजिशन और सरकारी समर्थन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, बशर्ते वह अपने बड़े कैपेक्स प्लान को सफलतापूर्वक लागू करे और लागतों को नियंत्रित रखे।