### प्राइवेट इक्विटी से ESG की ओर: Packaging Sector में Alternicq की नई उड़ान
प्राइवेट इक्विटी फर्म PAG के नए नेतृत्व में, Manjushree Technopack Limited अब Alternicq Limited के रूप में पहचानी जाएगी। यह सिर्फ नाम का बदलाव नहीं, बल्कि कंपनी के बिज़नेस मॉडल (Business Model) में एक बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव का संकेत है। पहले जहाँ कंपनी बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) पर ज़ोर दे रही थी, अब वह इंटीग्रेटेड, इनोवेशन-सेंट्रिक सॉल्यूशंस प्रोवाइडर (Integrated, Innovation-centric Solutions Provider) बनने की राह पर है। PAG ने 2024 के अंत में कंपनी में लगभग 97% हिस्सेदारी करीब ₹8,400 करोड़ में खरीदी थी। पब्लिक मार्केट के तिमाही दबावों से दूर, प्राइवेट कैपिटल (Private Capital) के तहत इस बदलाव से कंपनी को ज़्यादा फुर्ती और केंद्रित ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।
### ESG का महत्व और बाज़ार की बढ़ती मांग
नए नाम 'Alternicq' में 'Alternative thinking' का भाव है, जो सस्टेनेबल और सर्कुलर पैकेजिंग सॉल्यूशंस (Sustainable and Circular Packaging Solutions) की बढ़ती मांग को सीधे तौर पर दर्शाता है। यह भारत के रेगुलेटरी माहौल (Regulatory Environment) के साथ पूरी तरह से मेल खाता है, जहाँ एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) जैसे नियम कंपनियों को रिसाइकल्ड मटेरियल (Recycled Material) इस्तेमाल करने और सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। भारत का रिजिड प्लास्टिक पैकेजिंग मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि FY2033 तक यह USD 19.71 बिलियन तक पहुँच जाएगा, जिसमें FY2026 से 5.45% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं, एक और अनुमान के अनुसार, 2026 से 6.24% की CAGR से बढ़ते हुए यह मार्केट 2031 तक USD 20.53 बिलियन तक पहुँच सकता है। बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम (Disposable Income), अर्बनाइजेशन (Urbanization) और FMCG, फूड एंड बेवरेज (Food & Beverage) और फार्मा (Pharma) जैसे सेक्टर्स से मज़बूत मांग इस ग्रोथ को बढ़ा रही है।
### बाज़ार में पोजीशन और कॉम्पिटिशन (Competition)
Alternicq भारत की सबसे बड़ी रिजिड प्लास्टिक पैकेजिंग कंपनी के तौर पर काम कर रही है, जिसकी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 275,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) से ज़्यादा है। यह पैमाना इस कंसोलिडेटेड मार्केट में एक बड़ा कॉम्पिटिटिव एडवांटेज (Competitive Advantage) देता है। रिजिड प्लास्टिक पैकेजिंग स्पेस में Alpha Group, Rathna Packaging India और Regent Plast जैसी कंपनियां प्रमुख कॉम्पिटिटर (Competitor) हैं। हालांकि, पूरा भारतीय पैकेजिंग इंडस्ट्री 2024 में लगभग USD 84 बिलियन का है और 2029 तक USD 143 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है, जिसमें प्लास्टिक पैकेजिंग का शेयर 2024 में करीब 41.81% था। कंपनी का सस्टेनेबिलिटी और इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस पर ज़ोर इसे बाज़ार में मज़बूत स्थिति में रखता है।
### स्ट्रैटेजिक आउटलुक (Strategic Outlook) और ग्रोथ का रास्ता
PAG के स्वामित्व के तहत, Alternicq आगे और तेज़ी से ग्रोथ करने के लिए तैयार है, जिसमें इनऑर्गेनिक एक्सपेंशन (Inorganic Expansion) का भी सहारा लिया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, PAG अपनी पेशकशों और बाज़ार में अपनी मौजूदगी को मज़बूत करने के लिए 4-5 और कंपनियों को खरीदने के लिए USD 150-180 मिलियन का निवेश कर सकती है। यह रणनीति पैकेजिंग सेक्टर में कंसॉलिडेशन (Consolidation) के इंडस्ट्री ट्रेंड के अनुरूप है। Varun Beverages, Dabur और Marico जैसे बड़े क्लाइंट्स (Clients) के साथ कंपनी के मज़बूत रिश्ते, बढ़ी हुई कैपेसिटी और इनोवेशन-ईएसजी (ESG) पर फोकस, भविष्य के लिए एक ठोस नींव तैयार करते हैं। Alternicq नाम का रीब्रांडिंग भारत के पैकेजिंग इंडस्ट्री में बदलाव का नेतृत्व करने की कंपनी की महत्वाकांक्षा को स्पष्ट करता है।