Alstom इंडिया चेन्नई मेट्रो के लिए **₹2,000 करोड़** के कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने की रेस में है। हालांकि कंपनी के पास पहले से **1,000** मेट्रो कारों का ऑर्डर बुक मौजूद है, लेकिन बढ़ती कमोडिटी कीमतों के कारण मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में **20% से 25%** का उछाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
बड़े प्रोजेक्ट पर Alstom की नजर
Alstom इंडिया, चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड के साथ ₹2,000 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए तैयारी कर रही है, जिसमें 168 मेट्रो कारों की सप्लाई शामिल है। यह कदम कंपनी की भारत के अर्बन ट्रांजिट सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
ऑर्डर बुक और चुनौतियां
कंपनी के पास फिलहाल श्री सिटी (Sri City) स्थित प्लांट समेत भारत भर में लगभग 1,000 कारों का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग है। हालांकि, इतने बड़े ऑर्डर्स का होना भविष्य की रेवेन्यू के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन मुनाफा (Profit) पूरी तरह से कॉस्ट कंट्रोल पर निर्भर करेगा।
मार्जिन पर दबाव
स्टील, कॉपर और अन्य जरूरी इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स की कीमतों में तेजी के कारण मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में 20% से 25% तक की बढ़ोतरी हुई है। यदि कमोडिटी की कीमतें अस्थिर रहती हैं, तो यह प्रोजेक्ट के मार्जिन पर गहरा असर डाल सकता है।
स्ट्रैटेजी और टेक्नोलॉजी
श्री सिटी प्लांट, जिसने 2010 से अब तक 1,500 से अधिक कारें बनाई हैं, उसकी सालाना क्षमता 250 से 300 यूनिट्स की है। फिलहाल, कंपनी ग्लोबल एक्सपोर्ट के बजाय घरेलू ऑर्डर्स को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, कंपनी ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, लेकिन इसकी सफलता इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो ऑपरेटर की जरूरतों के तालमेल पर निर्भर करेगी।
निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या कंपनी टेंडर जीत पाती है और क्या कॉन्ट्रैक्ट में रॉ मटेरियल की कीमतों में बदलाव के लिए कोई एडजस्टमेंट क्लॉज शामिल होता है या नहीं।
