Airbus का बड़ा ऐलान: 2030 तक भारत से **$2 बिलियन** की होगी खरीदारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Airbus का बड़ा ऐलान: 2030 तक भारत से **$2 बिलियन** की होगी खरीदारी

Airbus ने भारत में अपनी पहुंच को और गहरा करने का प्लान बनाया है। कंपनी साल 2030 तक भारत से होने वाली अपनी सालाना खरीदारी को बढ़ाकर **$2 बिलियन** तक ले जाएगी, जिसमें एवियोनिक्स और एयरोस्ट्रक्चर जैसे हाई-वैल्यू पार्ट्स पर खास जोर होगा।

भारत बनेगा ग्लोबल एयरोस्पेस का केंद्र

Airbus इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर, जुर्गेन वेस्टर्मीयर ने हाल ही में 'एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026' कॉन्फ्रेंस में इस रोडमैप का ऐलान किया। अभी कंपनी भारत से सालाना $1.6 बिलियन की खरीदारी कर रही है। अब कंपनी अपना ध्यान सामान्य पार्ट्स से हटाकर डिजिटल एवियोनिक्स, एडवांस्ड एयरोस्ट्रक्चर, और टाइटेनियम व एल्युमिनियम अलॉय जैसे महंगे और हाई-टेक कंपोनेंट्स पर केंद्रित करेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और बैकलाग का दबाव

फिलहाल भारत में 600 कमर्शियल विमान उड़ान भर रहे हैं और 1,200 विमानों का बड़ा ऑर्डर बैकलाग कंपनी के पास है। इस मांग को पूरा करने के लिए Airbus भारत में ही मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सुविधाएं विकसित कर रही है। इससे विदेशी रिपेयर हब पर निर्भरता कम होगी और विमानों की डिलीवरी तेजी से हो सकेगी। इसके अलावा, 14 फुल फ्लाइट सिमुलेटर के साथ पायलट ट्रेनिंग क्षमता को भी बढ़ाया गया है।

क्या हैं चुनौतियां?

विकास की इस रफ्तार के बीच कंपनी के सामने कुछ वैश्विक चुनौतियां भी हैं। स्पिरिट एयरोसिस्टम्स (Spirit AeroSystems) के अधिग्रहण के बाद काम के पैकेज को एकीकृत करना कंपनी के लिए एक जटिल प्रक्रिया है, जिसका असर 2026 के ऑपरेटिंग प्रॉफिट और कैश फ्लो पर पड़ सकता है। साथ ही, ग्लोबल लेवल पर इंजन सप्लाई और प्रोडक्शन क्वालिटी से जुड़ी दिक्कतें भी सेक्टर के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी हाई-वैल्यू लोकल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल सप्लाई चेन के दबाव के बीच संतुलन कैसे बैठाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.