Airbus ने A330neo की डिलीवरी को फिर से शुरू कर दिया है। टेल प्लेन असेंबली में खराबी के कारण तीन महीने तक रोक के बाद, कंपनी ने साल 2026 के लिए **870** विमानों का अपना डिलीवरी लक्ष्य बरकरार रखा है।
डिलीवरी में आई रुकावट और समाधान
Airbus SE ने अपने A330neo वाइडबॉडी विमानों की डिलीवरी को फिर से शुरू कर दिया है। जून और जुलाई 2026 के दौरान हॉरिजॉन्टल टेल प्लेन असेंबली में क्वालिटी से जुड़ी खामियां मिलने के बाद कंपनी ने डिलीवरी पर रोक लगा दी थी। जांच और मरम्मत के बाद अब अगस्त से काम फिर से पटरी पर आ गया है।
क्या है 2026 का लक्ष्य?
उत्पादन में देरी के बावजूद, Airbus ने अपना सालाना डिलीवरी गाइडेंस 870 विमानों पर कायम रखा है। कंपनी को 850 से 890 यूनिट्स तक का भरोसा है। फिलहाल, A330neo प्रोग्राम के तहत हर महीने करीब 4 विमान बन रहे हैं, जिसे 2029 तक 5 यूनिट्स तक ले जाने की योजना है।
फाइनेंशियल हेल्थ और बायबैक
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने €33.2 बिलियन का रेवेन्यू और €8.4 बिलियन का नेट कैश दर्ज किया है। इतना ही नहीं, बोर्ड ने अगले तीन सालों के लिए €5 बिलियन के शेयर बायबैक प्रोग्राम को भी मंजूरी दी है।
सामने हैं कई बड़ी चुनौतियां
हालांकि कंपनी का इरादा साफ है, लेकिन निवेशकों को कुछ बड़े जोखिमों पर नजर रखनी होगी। स्पेन में चल रही लेबर स्ट्राइक का असर प्रोडक्शन पर पड़ रहा है, और सप्लाई चेन में Pratt & Whitney जैसे सप्लायर्स के साथ इंजन की किल्लत एक बड़ी बाधा बनी हुई है। इन सभी चुनौतियों के बीच, कंपनी के शेयर में हाल ही में 1.8% की गिरावट देखी गई है, जो निवेशकों की सावधानी को दर्शाती है।
