क्रोएशिया में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, और इसी के साथ भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज Afcons Infrastructure ने यूरोपीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की शुरुआत की है।
Dugo Selo–Novska रेलवे प्रोजेक्ट: €677 मिलियन का बड़ा ऑर्डर
Afcons Infrastructure को क्रोएशिया के Dugo Selo–Novska रूट पर रेलवे ट्रैक के पुनर्निर्माण और दूसरी लाइन बिछाने का काम मिला है। यह €677.07 मिलियन (लगभग ₹7544 करोड़) का कॉन्ट्रैक्ट कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में मौजूदा 83 किलोमीटर लंबे ट्रैक का नवीनीकरण, एक दूसरी रेल लाइन का निर्माण, साथ ही इलेक्ट्रिफिकेशन (विद्युतीकरण) और सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना शामिल है। इस अपग्रेड के बाद ट्रेनों की स्पीड 160 किमी/घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। यह क्रोएशिया की व्यापक रेल आधुनिकीकरण योजनाओं का हिस्सा है, जिसे EU और EIB से फंडिंग मिल रही है।
Afcons की क्षमता और ग्लोबल स्थिति
Shapoorji Pallonji Group का हिस्सा Afcons Infrastructure, जटिल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जानी जाती है, जिसमें प्रतिष्ठित चेनाब ब्रिज और अटल टनल जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी वैश्विक स्तर पर मरीन फैसिलिटीज में 8वें और ब्रिज बनाने में 12वें स्थान पर है। इस नए कॉन्ट्रैक्ट से पहले, कंपनी का ऑर्डर बुक ₹36,869 करोड़ का था। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, Afcons ने ₹13,023 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की, जिसमें 12.8% का EBITDA मार्जिन और 3.7% का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स मार्जिन रहा।
यूरोपियन मार्केट का संदर्भ
यूरोपियन रेल इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जो EU की नीतियों और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पर जोर देने से प्रेरित है। इस दशक में यूरोपियन रेल में €200 बिलियन से अधिक का निवेश होने का अनुमान है, और मौजूदा समय में क्रोएशिया में ही €1.7 बिलियन के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं और अगले दशक में €6 बिलियन की योजना है। इस क्षेत्र में 4.91% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 2031 तक अपेक्षित है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियां
हालांकि, इस प्रोजेक्ट से Afcons के लिए नए अवसर खुले हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। Afcons की पैरेंट कंपनी, Shapoorji Pallonji Group, लगभग ₹25,400 करोड़ के बड़े कर्ज को रीफाइनेंस कर रही है, जिसकी ब्याज दरें लगभग 18.75% हैं। यह स्थिति समूह की नई परियोजनाओं में निवेश करने या अप्रत्याशित खर्चों को संभालने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, खासकर एक नए अंतरराष्ट्रीय बाजार में। यूरोप के जटिल रेगुलेटरी ढांचे, लेबर कानूनों और सांस्कृतिक अंतरों को समझना Afcons के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। EU द्वारा को-फाइनेंसिंग पर निर्भरता के कारण कंप्लायंस और प्रोसीजरल जोखिम भी जुड़े हैं।
भविष्य की ग्रोथ के रास्ते
Afcons ने महत्वाकांक्षी ग्रोथ लक्ष्य रखे हैं, जिसमें FY27 तक 20-25% की टॉप-लाइन ग्रोथ और सालाना लगभग ₹20,000 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल करना शामिल है। कंपनी के पास पहले से ही ₹11,300 करोड़ के 'L1' (लोएस्ट बिडर) पोजीशन में प्रोजेक्ट्स हैं, जिनके जल्द ही पक्के कॉन्ट्रैक्ट बनने की उम्मीद है। क्रोएशियाई प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकसित देशों में बड़े प्रोजेक्ट हासिल करने और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने की Afcons की क्षमता को साबित करता है। यह सफलता यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक अवसरों के द्वार खोल सकती है।
