प्रमोटरों की 100% हिस्सेदारी गिरवी: Afcons Infra पर SP ग्रुप का बड़ा कदम
Shapoorji Pallonji and Company Private Limited (SPCPL) ने अपनी सहयोगी कंपनी Afcons Infrastructure के प्रमोटर होल्डिंग को लेकर एक अहम खुलासा किया है। SP ने 16 फरवरी, 2026 को कुल 1,22,34,940 इक्विटी शेयर (जो Afcons के कुल कैपिटल का 3.33% है) गिरवी रखे थे, जिसकी जानकारी को अब रिवाइज किया गया है। यह गिरवी वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखी गई थी। असल में, 17 फरवरी, 2026 को पहली बार फाइलिंग करते समय कुछ प्रमुख लेंडर्स (Lenders) के नाम छूट गए थे, जिसे SP ने 10 मार्च, 2026 को ठीक किया है। यह एक तरह की पारदर्शिता (Transparency) में कमी को दर्शाता है, जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखते हैं।
इस अपडेट का सबसे बड़ा असर यह है कि अब Shapoorji Pallonji Group की Afcons Infrastructure में कुल 15.41% हिस्सेदारी, जो प्रमोटर होल्डिंग है, पूरी तरह से 100% गिरवी (Encumbered) हो चुकी है। इसका सीधा मतलब है कि प्रमोटर्स के पास अब कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को गिरवी रखने के लिए कोई और शेयर नहीं बचा है। यह गिरवी Catalyst Trusteeship Limited (Debenture Trustee) और State Bank of India (SBI) के नेतृत्व वाले लेंडर्स के कंसोर्टियम (Consortium) के पक्ष में रखी गई है।
इस कदम से Afcons Infrastructure के प्रमोटर्स की वित्तीय व्यवस्था और SP ग्रुप द्वारा अपनी हिस्सेदारी पर इस्तेमाल किए जा रहे कर्ज (Leverage) का स्तर साफ हो जाता है। पहले, SP ने 25 जून, 2025 को भी इसी तरह वर्किंग कैपिटल के लिए 4,44,46,470 शेयर (कुल कैपिटल का 12.08%) गिरवी रखे थे।
यह सब तब हो रहा है जब Afcons Infrastructure हाल ही में वित्तीय दबाव से गुजरी है। Q3 FY26 में कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 9% की गिरावट आई थी, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 35% की भारी कमी देखी गई थी। इन सब के बीच, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें लगातार बढ़ी हुई थीं।
शेयरधारकों के लिए जोखिम यह है कि यदि SP ग्रुप या Afcons लोन की किस्तों को चुकाने में विफल रहते हैं, तो उनकी 100% हिस्सेदारी जोखिम में पड़ सकती है। बता दें कि Shapoorji Pallonji and Company पर खुद भी नियामक (Regulatory) कार्रवाई का इतिहास रहा है; SEBI ने सितंबर 2023 में डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन के लिए ₹7 लाख का जुर्माना ठोका था।
निवेशकों को अब Afcons Infrastructure के तिमाही नतीजों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, खासकर रेवेन्यू में सुधार और कर्ज प्रबंधन (Debt Management) को लेकर। कंपनी के नए ऑर्डर मिलने की गति और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन भी भविष्य की कमाई का संकेत देंगे। SP ग्रुप की अगली चालें और कर्ज कम करने की रणनीतियां भी अहम होंगी।