Aeroflex Industries के निवेशकों की मौज हो गई है। कंपनी ने Q2 में **₹36.6 करोड़** का रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया है, जिससे शेयर में **18%** का जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी की लिक्विड कूलिंग सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को रफ्तार दी है।
बाजार में मची हलचल
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर गुरुवार के ट्रेडिंग सेशन में Aeroflex Industries के शेयर 18% की छलांग लगाकर ₹579 के स्तर पर पहुंच गए। कंपनी ने अपनी Q2FY27 परफॉरमेंस में झंडे गाड़ दिए हैं। मुनाफे में सालाना आधार पर 156.9% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, कंपनी का तिमाही रेवेन्यू पहली बार ₹200 करोड़ के पार निकल गया है, जिसमें EBITDA में 94.5% का उछाल (जो अब ₹50.3 करोड़ है) अहम रहा है।
AI और डेटा सेंटर का खेल
कंपनी की इस दमदार रफ्तार के पीछे सबसे बड़ी वजह लिक्विड कूलिंग मार्केट है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स की बढ़ती जरूरत के कारण कंपनी की लिक्विड कूलिंग स्किड असेंबली बिजनेस का रेवेन्यू पिछले क्वार्टर के ₹32.4 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹50 करोड़ पहुंच गया है। कंपनी ने इस सेगमेंट में 1,475 यूनिट्स बेची हैं, जो मजबूत मांग की कहानी बयां करती हैं।
कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी
कंपनी ने अपने कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने के लिए ₹202 करोड़ के इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया है। मार्च 2028 तक कंपनी की योजना स्टेनलेस स्टील होज क्षमता को 30 मिलियन मीटर और लिक्विड कूलिंग क्षमता को 30,000 यूनिट्स प्रति वर्ष तक ले जाने की है, ताकि अमेरिका और यूरोप के बाजारों में दबदबा बनाया जा सके।
नतीजों के पीछे का 'अकाउंटिंग ट्विस्ट'
हालांकि मुनाफे के आंकड़े शानदार हैं, लेकिन निवेशकों को एक बारीक बदलाव समझना जरूरी है। कंपनी ने डेप्रिसिएशन कैलकुलेट करने के तरीके में बदलाव किया है, जिससे खर्चों में ₹8.4 करोड़ की कमी आई और सीधे तौर पर नेट प्रॉफिट का आंकड़ा बढ़ गया। यह कोई कैश प्रॉफिट नहीं है, बल्कि अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है। भविष्य में निवेशकों के लिए यह देखना सबसे जरूरी होगा कि कंपनी 24.3% के मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।
