Aequs Limited ने Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) और Unmanned Aircraft Systems (UAS) के मैन्युफैक्चरिंग में उतरने के लिए एक महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक कदम उठाया है। कंपनी ने हाल ही में इनकॉर्पोरेट हुई Ajna Aerospace & Defence Private Limited (AADPL) में ₹10.01 करोड़ का निवेश करने के लिए एक लेटर ऑफ सब्सक्रिप्शन (LOS) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस निवेश के परिणामस्वरूप, Aequs पूरी तरह से डाइल्यूटेड बेसिस पर AADPL में 33.33% की हिस्सेदारी रखेगी।
यह निवेश Aequs के डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में ऑर्गेनिक ग्रोथ की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते अनमैन्ड सिस्टम्स के बाजार में सीधे तौर पर एंट्री करना है। यह कदम कंपनी को UAVs और ऑटोनोमस प्लेटफॉर्म के मैन्युफैक्चरिंग में सीधा एक्सपोजर देगा, जो भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' (Indigenisation) पहलों के अनुरूप है।
AADPL को 22 अक्टूबर, 2025 को इनकॉर्पोरेट किया गया था, जिसका मतलब है कि यह एक नई इकाई है। इस वजह से, इस शुरुआती चरण के निवेश में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) जुड़े हुए हैं, क्योंकि कंपनी का कोई पिछला ऑपरेशनल इतिहास या स्थापित मार्केट प्रेजेंस नहीं है।
Aequs Limited खुद एयरोस्पेस और डिफेंस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में एक ग्लोबल लीडर है, जिसके पास भारत, अमेरिका और फ्रांस में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम हैं। कंपनी भारत के पहले प्रिसिजन इंजीनियरिंग स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) का संचालन करती है और उसने हाल ही में तमिलनाडु में एक एयरोस्पेस एंड डिफेंस क्लस्टर के लिए ₹4,000 करोड़ के विस्तार की भी घोषणा की है।
इस डील से Aequs को हाई-ग्रोथ वाले UAV और डिफेंस टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में डायरेक्ट एक्सपोजर मिलेगा। फरवरी 2026 तक, Aequs Limited का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹9,500-9,600 करोड़ था। हालांकि, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में ₹102.35 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था, जिसमें एयरोस्पेस सेगमेंट का रेवेन्यू में करीब 89% का योगदान था।
निवेशकों को आने वाले समय में 31 मार्च, 2026 तक निवेश के पूरा होने पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, AADPL की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं स्थापित करने और ऑर्डर हासिल करने की प्रगति को भी ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।