एनालिस्ट का भरोसा, 'Buy' रेटिंग और ₹145 का Target
Brokerage firm JM Financial Institutional Securities ने Aequs पर अपनी कवरेज 'Buy' रेटिंग के साथ शुरू की है। उन्होंने शेयर के लिए 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹145 रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 15% की तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म Aequs को एक लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देख रही है, जिसकी वजह कंपनी की एयरोस्पेस सेक्टर में मजबूत पकड़ और उभरता हुआ कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिज़नेस है।
शुक्रवार को Aequs का शेयर करीब ₹124.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, पिछले एक महीने में शेयर में करीब 13.44% और पिछले तीन महीनों में 18.23% की गिरावट आई है, जो बाजार की व्यापक भावना और कंपनी से जुड़ी चिंताओं को दर्शाती है।
एयरोस्पेस सेक्टर: Aequs का मजबूत गढ़
JM Financial के अनुसार, एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग Aequs का मुख्य बिज़नेस है, जो कंपनी के एंटरप्राइज वैल्यू का लगभग 75% हिस्सा है। कंपनी ने एक दशक से अधिक समय में इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता हासिल की है और अब Boeing, Airbus, और Safran जैसे वैश्विक एवििएशन दिग्गजों को 5,200 से अधिक पार्ट्स सप्लाई करती है। कंपनी के पास $814 मिलियन का एक मजबूत ऑर्डर बुक है, जो अगले तीन से चार सालों के लिए रेवेन्यू की अच्छी खासी विजिबिलिटी देता है। भारत में इस सेगमेंट की यूटिलाइजेशन रेट करीब 71% है।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स: उम्मीदें और मुश्किलें
वहीं, कंज्यूमर सेगमेंट, जिसमें प्लास्टिक टॉयज और किचनवेयर शामिल हैं, Aequs के लिए एक नया क्षेत्र है और एंटरप्राइज वैल्यू का लगभग 25% योगदान देता है। हाल ही में, वियतनाम स्थित सुविधाओं के लिए स्मार्टवॉच एनक्लोजर और लैपटॉप पार्ट्स की सप्लाई का एक बड़ा ऑर्डर मिला है। हालांकि, यह सेगमेंट ऐतिहासिक रूप से प्रॉफिटेबिलिटी से जूझ रहा है। वर्तमान में इसकी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन सिर्फ 31% है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यूटिलाइजेशन बढ़ने के साथ प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा, लेकिन यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने पिछले दो सालों में इस वर्टिकल में ₹600 करोड़ से अधिक का निवेश किया है और आगे ₹230 करोड़ और निवेश करने की योजना है, जो मुख्य रूप से डेट कम करने और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए है।
Aequs के लिए प्रमुख जोखिम
कंपनी लगातार तीन सालों से निगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और FY25 में नेट लॉस (Net Loss) दर्ज कर चुकी है, जिसमें कंज्यूमर सेगमेंट बढ़ते EBITDA लॉसेस में योगदान दे रहा है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन में 31% की कम कैपेसिटी यूटिलाइजेशन प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। Aequs का वैल्यूएशन फिलहाल लॉसेस के कारण निगेटिव P/E रेशियो पर है। इसके अलावा, एयरोस्पेस सेगमेंट में कुछ प्रमुख ग्लोबल OEMs पर कंपनी की निर्भरता भी एक कंसंट्रेशन रिस्क है।
एनालिस्ट का नजरिया और वैल्यूएशन
JM Financial का ₹145 का टारगेट प्राइस FY30 EV/EBITDA मल्टीपल के 22x पर आधारित है, जिसे FY28 तक डिस्काउंट किया गया है। यह एक लंबी अवधि का नजरिया दिखाता है, जिसमें उम्मीद की जा रही है कि मौजूदा कैपिटल इन्वेस्टमेंट से अच्छे नतीजे मिलेंगे। ब्रोकरेज का मानना है कि रिस्क-रिवॉर्ड आकर्षक है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि Aequs अगले तीन सालों में अर्निंग्स और रेवेन्यू में काफी ग्रोथ कर सकती है, जिसमें EPS ग्रोथ 107.2% प्रति वर्ष का अनुमान है, हालांकि प्रॉफिटेबिलिटी FY27 या FY28 तक आने की उम्मीद नहीं है। कंपनी की डिफेंस में Ajna Aerospace के माध्यम से विस्तार की रणनीति भी एक अतिरिक्त ग्रोथ एरिया प्रदान कर सकती है, जो सरकारी कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर करेगा। Aequs की सफलता अंततः कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिज़नेस को सफलतापूर्वक स्केल करने और प्रॉफिटेबल ग्रोथ के लिए कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी, जबकि कोर एयरोस्पेस सेगमेंट के स्थिर प्रदर्शन को बनाए रखना होगा।
