Addverb Technologies, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन की दुनिया में एक जाना-माना नाम, अब एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव कर रही है। कंपनी अपने वेयरहाउस ऑटोमेशन के मुख्य कारोबार से आगे बढ़कर एडवांस्ड रोबोटिक्स में Pioneering कर रही है। कंपनी एक्टिवली AI-पावर्ड ह्यूमनॉइड रोबोट्स और डिफेंस सेक्टर के लिए स्पेशलाइज्ड मशीनें डेवलप कर रही है। यह कदम साफ तौर पर नए, हाई-ग्रोथ मार्केट सेगमेंट को टारगेट करने और अपनी टेक्नोलॉजी एक्सपर्टीज का फायदा उठाने के लिए उठाया गया है।
कंपनी का मुख्य उद्देश्य '3D' यानी Dull, Dirty, और Dangerous (बेकार, गंदे और खतरनाक) मानी जाने वाली नौकरियों को खत्म करना है।
कंपनी की यह महत्वाकांक्षी योजना, ह्यूमनॉइड और डिफेंस रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में विस्तार, उसके कोर बिजनेस से एक बड़ा मोड़ है। इस विस्तार का आधार उसकी मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो सालाना 100,000 रोबोट्स बनाने की क्षमता रखती है। साथ ही, कंपनी ग्रोथ कैपिटल की तलाश में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Addverb करीब $150 मिलियन का फंड जुटाने की तैयारी में है। यह कैपिटल भारी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को तेज करने, इंटरनेशनल मार्केट में पैठ बनाने और अपने एडवांस्ड रोबोटिक्स सॉल्यूशंस को स्केल करने के लिए है। यह संभावित फंड रेजिंग Reliance Industries द्वारा जनवरी 2022 में किए गए $132 मिलियन के निवेश के बाद आई है, जिसने उस समय कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $270 मिलियन किया था।
Addverb का ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के उभरते बाजार में कदम रखना उसे Tesla और Boston Dynamics जैसे ग्लोबल दिग्गजों के साथ सीधे मुकाबले में खड़ा करता है। वहीं, डिफेंस सेक्टर में उतरना अपनी चुनौतियां लेकर आता है, जैसे लंबे डेवलपमेंट साइकल्स, सख्त रेगुलेटरी अप्रूवल और स्थापित डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स से कड़ी टक्कर।
कंपनी अपनी Reliance Industries के साथ पार्टनरशिप का भरपूर फायदा उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। वह Jio के AI प्लेटफॉर्म और 5G सर्विसेज को इंटीग्रेट करके रोबोट डेवलपमेंट को बेहतर बनाना चाहती है। ग्लोबल रोबोटिक्स मार्केट की बात करें तो यह तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2026 तक यह $74.1 बिलियन और 2033 तक $178.7 बिलियन तक पहुंच सकता है। भारत सरकार की नेशनल स्ट्रैटेजी ऑन रोबोटिक्स भी देश को ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य रखती है, जो Addverb जैसी कंपनियों के लिए एक सपोर्टिव इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
हालांकि, इस महत्वाकांक्षी विस्तार में भारी एग्जीक्यूशन रिस्क भी है। ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डेवलपमेंट के लिए जबरदस्त R&D निवेश और जटिल टेक्निकल चुनौतियों से पार पाना होगा। डिफेंस सेक्टर, जो कि आकर्षक हो सकता है, के लिए स्पेशलाइज्ड एक्सपर्टीज, कड़े टेस्टिंग और एक जटिल रेगुलेटरी लैंडस्केप को नेविगेट करने की जरूरत होगी, जहाँ Addverb का डायरेक्ट अनुभव उसके ऑटोमेशन बैकग्राउंड की तुलना में सीमित है।
कंपनी की सालाना 100,000 रोबोट्स बनाने की विशाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी, तब तक बेकार पड़ी रह सकती है अगर इन नए, स्पेशलाइज्ड रोबोट्स की मांग उम्मीद के मुताबिक न बढ़े। इसके अलावा, Reliance का साथ महत्वपूर्ण है, लेकिन एक ही स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर पर निर्भरता रिस्क बढ़ाती है।
Addverb का यह स्ट्रैटेजिक रीओरिएंटेशन उसे एक ट्रांसफॉर्मेटिव भविष्य की ओर ले जा सकता है। ह्यूमनॉइड और डिफेंस रोबोटिक्स जैसे हाई-डिमांड सेक्टर्स को टारगेट करके, कंपनी अपनी मार्केट पोजीशन को फिर से डिफाइन करना चाहती है और ग्लोबल लीडरशिप हासिल करना चाहती है। इस बदलाव की सफलता, जटिल R&D को एग्जीक्यूट करने, नई मार्केट एंट्री की चुनौतियों से निपटने और अपने कैपिटल व स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
