Adani Stocks में लौटी उम्मीद! पर 'कर्ज' और 'वैल्यूएशन' की चिंताएं बरकरार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Adani Stocks में लौटी उम्मीद! पर 'कर्ज' और 'वैल्यूएशन' की चिंताएं बरकरार
Overview

Adani Group के कुछ चुनिंदा स्टॉक्स, जिनमें Adani Enterprises, Adani Energy Solutions और Adani Power शामिल हैं, में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। Hindenburg रिपोर्ट के बाद आई गिरावट से उबरने की कोशिशों के बीच, ये स्टॉक्स टेक्निकल पैटर्न में कुछ जमावड़ा (Accumulation) और वापसी की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन, इनগুলোর ऊंचे वैल्यूएशन (Valuation) और ग्रुप पर भारी कर्ज (Debt) जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

Adani Group की कंपनियों के चार्ट्स पर इस वक्त रिकवरी के संकेत नज़र आ रहे हैं। Hindenburg रिपोर्ट के बाद आई भारी गिरावट और लंबी कंसोलिडेशन (Consolidation) फेज से गुजरने के बाद, कुछ स्टॉक्स अब डिमांड (Demand) बढ़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी बड़ी तेजी की उम्मीद करने से पहले फंडामेंटल्स (Fundamentals) और ग्रुप की मौजूदा वित्तीय स्थिति को समझना बेहद जरूरी है।

Adani Enterprises और Adani Energy Solutions में री-एक्युमुलेशन के संकेत?

Analysts Adani Enterprises Ltd. (ADANIENT) और Adani Energy Solutions Ltd (ADANIENSOL) में 'री-एक्युमुलेशन' (Re-accumulation) के पैटर्न देख रहे हैं। ADANIENT, जो 2023 में ₹4,062 के शिखर से गिरकर ₹986 तक आ गया था, अब ₹2,000 से ₹3,000 के बीच कंसॉलिडेट कर रहा है। इसे Wyckoff एक्युमुलेशन का संकेत माना जा रहा है, खासकर जनवरी 2026 में देखे गए 'शेकआउट' (Shakeout) इवेंट के बाद, जहां डिमांड ने सप्लाई पर बढ़त हासिल की। अगर यह शेयर ₹3,200 के स्तर को छूने में कामयाब होता है, तो यह Dow Theory के अनुसार हायर हाई (Higher High) और हायर लो (Higher Low) का पैटर्न बना सकता है।

फरवरी 2026 के अंत तक, ADANIENT का P/E रेशियो लगभग 27.3x था और इसका मार्केट कैप करीब ₹286,326.6 करोड़ था। ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने इसे 'Buy' रेटिंग के साथ ₹2,750 का टारगेट दिया है, वहीं MarketsMojo ने वैल्यूएशन महंगा होने और औसत क्वालिटी मेट्रिक्स का हवाला देते हुए 'Sell' रेटिंग दी है। ADANIENT का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.0250 है, जबकि ROCE 6.84% और ROE 7.08% है।

Adani Energy Solutions का स्ट्रक्चर भी ADANIENT जैसा ही दिख रहा है, और यह ₹1,100 के रेजिस्टेंस (Resistance) को पार करने पर ₹1,600 तक जा सकता है। इसका P/E रेशियो लगभग 49.4x और मार्केट कैप करीब ₹123,037.1 करोड़ है।

Adani Power का EMA पर भरोसा

Adani Power Ltd. (ADANIPOWER) में एक खास पैटर्न देखने को मिल रहा है: जब भी स्टॉक अपनी 50-सप्ताह की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (50EMA) को पार करता है, तो एक बड़ी बॉटम (Bottom) बनती है। यह चौथी बार ऐसा हुआ है, जो शॉर्ट टर्म में खरीदारों का भरोसा दर्शाता है। ऐतिहासिक रूप से, इस पैटर्न के बाद स्टॉक में अच्छी तेजी आई है और यह ₹200 के ऊपर नए हाईज़ (Highs) बना सकता है। फरवरी 2026 के अंत तक, Adani Power का P/E रेशियो लगभग 23.98x था और मार्केट कैप करीब ₹270,950.0 करोड़ था।

वैल्यूएशन और सेक्टर का माहौल

Adani Group के स्टॉक्स के P/E रेशियो बताते हैं कि निवेशकों की उम्मीदें किस स्तर पर हैं। Adani Ports and Special Economic Zone (ADANIPORTS) का P/E लगभग 28.60x और मार्केट कैप करीब ₹357,251 करोड़ है। भारतीय पावर सेक्टर (Power Sector) में इस वक्त काफी ग्रोथ की उम्मीद है, बिजली की मांग 2030 तक सालाना औसतन 6.4% बढ़ने का अनुमान है। इस सेक्टर में अगले दशक में करीब ₹40 लाख करोड़ के निवेश की संभावना है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर फोकस के कारण।

Adani Power का P/E ~24x सेक्टर के औसत ~23.3x के आसपास है, जो कि ठीक लगता है। लेकिन, Adani Energy Solutions का P/E ~54x सेक्टर के औसत ~15.16x की तुलना में काफी ज्यादा है।

चिंता का सबब: कर्ज और जांच का साया

टेक्निकल तेज़ी के संकेतों के बावजूद, Adani Group पर भारी कर्ज (Debt) और पिछली जांचों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। Adani Enterprises का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.0250 है। ग्रुप के कुल कर्ज के आंकड़े भले ही सीधे उपलब्ध न हों, लेकिन संस्थागत निवेशकों के लिए यह एक बड़ा रेड फ्लैग (Red Flag) है, खासकर बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में। Hindenburg रिपोर्ट का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है, हालांकि फिलहाल कोई नई बड़ी रेगुलेटरी कार्रवाई (Regulatory Action) सामने नहीं आई है। MarketsMojo की 'Sell' रेटिंग इसी सतर्कता को दिखाती है।

एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता

आगे चलकर, एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है। Adani Enterprises के लिए, कंसेंसस टारगेट (Consensus Target) लगभग ₹3,433 का है, जो मौजूदा स्तरों से 55% तक की संभावित बढ़त दिखाता है। वहीं, MarketsMojo की 'Sell' रेटिंग एक अलग तस्वीर पेश करती है।

ग्रुप के लिए, किसी भी स्थायी रिकवरी के लिए सिर्फ टेक्निकल ब्रेकआउट (Technical Breakout) काफी नहीं होंगे। निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि ये कंपनियां अपने स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी (Structural Integrity), वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) और कर्ज को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती हैं। 2026 में एक मज़बूत रिकवरी की संभावना इन फंडामेंटल फैक्टर्स के मज़बूत होने पर ही निर्भर करेगी।

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