अमेरिकी कानूनी दांवपेच का हुआ निपटारा
अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क में चल रहे सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड (securities and wire fraud) से जुड़े मामले में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ क्रिमिनल चार्जेज़ वापस ले लिए हैं। अदालतों ने इन आरोपों को टिकाऊ नहीं पाया। इसके साथ ही, कंपनी ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स (solar energy projects) के लिए निवेशक डिस्क्लोजर (investor disclosures) से जुड़े सिविल मामलों और ईरान पर एलपीजी आयात (LPG imports) के जरिए लगे सैंक्शन्स (sanctions) के उल्लंघन से जुड़े मुद्दों को भी सुलझा लिया है।
बड़ा सेटलमेंट, पर मिली राहत
इन कानूनी मामलों को सुलझाने के लिए Adani Group ने कुल $293 मिलियन का भुगतान किया है। इसमें गौतम अडानी ने $6 मिलियन, सागर अडानी ने $12 मिलियन, और Adani Group की कंपनियों ने लगभग $275 मिलियन का भुगतान किया है। हालांकि, ग्रुप ने किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया है। इस कानूनी मसले के खत्म होने से निवेशकों को लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता से मुक्ति मिली है।
शेयर बाजार में तेज़ी
इस खबर का असर Adani Group की कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखा। Adani Green Energy Limited के शेयर 3% चढ़कर ₹1,410.10 पर पहुंच गए। Adani Enterprises Limited 2.26% बढ़कर ₹2,750.60 पर कारोबार कर रहे थे। Adani Total Gas Limited में 2.06% की तेज़ी आई और यह ₹622.65 पर था। Adani Power Limited भी 0.27% चढ़कर ₹219.90 पर था, जबकि Adani Ports and Special Economic Zone Limited में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई।
वैल्यूएशन और बाज़ार का माहौल
बाजार की यह सकारात्मक प्रतिक्रिया Adani Group के शेयरों के वैल्यूएशन (valuation) और मौजूदा आर्थिक माहौल के बीच देखी जा रही है। Adani Enterprises का मार्केट कैप (market cap) करीब ₹3.49 ट्रिलियन है, जिसका पी/ई रेशियो (P/E ratio) लगभग 35.51 है। वहीं, Adani Green Energy का पी/ई रेशियो 130x से 146x के बीच है, जो अंतरराष्ट्रीय समकक्षों की तुलना में काफी अधिक है। Adani Total Gas का पी/ई रेशियो करीब 106x है।
बाजार की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) जैसे प्रमुख सूचकांक 75,315 और 23,650 अंकों के आसपास चल रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतें $106 प्रति बैरल के करीब हैं और रुपया डॉलर के मुकाबले 96.2 के स्तर पर है। ऐसे में, Adani Group के लिए यह कानूनी समाधान एक खास सकारात्मक खबर है।
आगे क्या?
भले ही अमेरिका के ये मामले सुलझ गए हैं, लेकिन Adani Group पहले भी नियामक जांच (regulatory scrutiny) के दायरे में रहा है। $293 मिलियन का यह सेटलमेंट ग्रुप के लिए एक बड़ा कैश आउटफ्लो (cash outflow) है, जो उसकी लिक्विडिटी (liquidity) और भविष्य की निवेश क्षमता को प्रभावित कर सकता है। कुछ कंपनियों के अत्यधिक ऊंचे वैल्यूएशन भविष्य की ग्रोथ पर बड़ा दांव लगाते हैं, ऐसे में अगर उम्मीदों के मुताबिक ग्रोथ नहीं हुई तो जोखिम बढ़ सकता है।