Adani Ports का बड़ा दांव: ₹1,500 करोड़ में Jaypee Fertilisers खरीदे, उत्तर भारत में लॉजिस्टिक्स को मिलेगी मजबूती

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AuthorAditya Rao|Published at:
Adani Ports का बड़ा दांव: ₹1,500 करोड़ में Jaypee Fertilisers खरीदे, उत्तर भारत में लॉजिस्टिक्स को मिलेगी मजबूती
Overview

Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) ने Jaypee Fertilisers & Industries (JFIL) को **₹1,500 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील से APSEZ का उत्तर भारत में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मजबूत होगा, साथ ही मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग के विस्तार की योजनाओं को भी बल मिलेगा। इस अधिग्रहण से APSEZ को कानपुर में ऐसी ज़मीन मिलेगी जो एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के लिए एकदम सही है।

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APSEZ की Inland Logistics में बड़ी पैठ

Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) ने Jaypee Fertilisers & Industries Limited (JFIL) के ₹1,500 करोड़ के अधिग्रहण के साथ अपनी inland logistics क्षमताओं को बड़ा बूस्ट दिया है।

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Jaiprakash Associates Limited (JAL) के रिजॉल्यूशन प्लान के तहत इस डील को मंजूरी दी है। इससे APSEZ को अप्रत्यक्ष रूप से Kanpur Fertilizers and Chemicals Limited (KFCL) का कंट्रोल मिल गया है। KFCL के पास कानपुर में लगभग 243 एकड़ ज़मीन है, जिसे एक बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग हब के तौर पर विकसित करने के लिए चुना गया है।

विस्तार की रणनीति

यह कदम APSEZ की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी अपने मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) नेटवर्क को 12 से 16 सुविधाओं तक बढ़ाना चाहती है और 2031 तक अपनी वेयरहाउसिंग क्षमता को चार गुना करना चाहती है। यह अधिग्रहण APSEZ के भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से मौजूद 15 पोर्ट्स और टर्मिनल्स के साथ मिलकर काम करेगा।

APSEZ, JSW Infrastructure और DP World जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ कॉम्पिटिशन में है। जहां APSEZ पहले से ही भारत के बड़े कार्गो का बड़ा हिस्सा संभालती है, वहीं यह अधिग्रहण खास तौर पर उत्तर भारत में उसकी मौजूदगी को और मजबूत करेगा। इस inland विस्तार से APSEZ अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में, जो मुख्य रूप से तटीय ऑपरेशन्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं, एक अधिक इंटीग्रेटेड और एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदान कर सकेगी।

यह रणनीति APSEZ के पिछले अधिग्रहणों की तरह ही है, जैसे 2020 में ₹12,000 करोड़ में Krishnapatnam Port Company Ltd. की खरीद। कंपनी ने दमदार ग्रोथ दिखाई है, जहां पिछले 10 सालों में सेल्स ग्रोथ 20.3% रही और पिछले 5 सालों में प्रॉफिट ग्रोथ 21.0% CAGR दर्ज की गई है।

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY25 से FY28 तक APSEZ के कार्गो वॉल्यूम में सालाना लगभग 15% की बढ़ोतरी होगी। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा पोर्ट ऑपरेटर बनना है, जिसमें MMLPs और वेयरहाउसिंग पर उसका फोकस रहेगा।

इस अधिग्रहण का मकसद ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना और APSEZ के ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी मॉडल को एक महत्वपूर्ण hinterland रीजन में विस्तारित करना है। कानपुर की ज़मीन को एक लॉजिस्टिक्स पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विभिन्न प्रकार के कार्गो को संभाला जाएगा और मल्टीमॉडल सॉल्यूशंस पेश किए जाएंगे।

APSEZ के FY27 के गाइडेंस के अनुसार, रेवेन्यू ₹43,000–₹45,000 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है, जो सालाना 11-16% की ग्रोथ दर्शाता है। उम्मीद है कि यह कंसॉलिडेशन APSEZ की कॉम्पिटिटिव पोजीशन को एक अधिक व्यापक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के ज़रिए मजबूत करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.