Adani Enterprises के डायरेक्टर प्रणव अडानी ने धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए 'पीपल-फर्स्ट' दृष्टिकोण पर जोर दिया है। यह प्रोजेक्ट ग्रुप के महाराष्ट्र में **₹6 लाख करोड़** के निवेश का एक अहम हिस्सा है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
प्रणव अडानी ने स्पष्ट किया है कि धारावी के पुनर्विकास में मानवीय पहलुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी का मुख्य लक्ष्य वहां रहने वाले लोगों को आधुनिक आवास मुहैया कराना और हजारों छोटे उद्योगों (Micro-enterprises) को व्यवस्थित करना है। इस कदम से दुनिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में से एक, धारावी का कायापलट करने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र में बड़ा निवेश
यह प्रोजेक्ट अडानी ग्रुप के महाराष्ट्र में किए जा रहे ₹6 लाख करोड़ के कुल निवेश का आधार स्तंभ है। कंपनी के डिस्क्लोजर के अनुसार, राज्य में ₹2.6 लाख करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिनमें नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बिजली वितरण जैसी अहम सेवाएं शामिल हैं। ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र को 2030 तक $1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने में मदद करेंगे।
प्रोजेक्ट का ढांचा और डेडलाइन
यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है, जिसमें अडानी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के बीच 80:20 की हिस्सेदारी है। इस काम को 'अडानी नवभारत डेवलपर्स' (Adani Navbharat Developers) के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण डेडलाइन दिसंबर 2026 है, जब रेलवे भूमि पर पहली हाउसिंग यूनिट्स तैयार होने की उम्मीद है।
चुनौतियां और रिस्क
इतने बड़े स्केल के प्रोजेक्ट में राह आसान नहीं है। राजनीतिक विरोध और स्थानीय समुदायों की चिंताओं के साथ-साथ, यूटिलिटी प्रोवाइडर्स के साथ तालमेल बिठाने में भी मुश्किलें आ रही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को शिफ्ट करने और रेगुलेटरी क्लीयरेंस हासिल करने की प्रक्रिया जटिल है, जिससे देरी या लागत बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। अब निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कैसे सामाजिक जटिलताओं और वित्तीय लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाती है।
