मुनाफे का बंपर उछाल, पर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर सवाल
Adani Enterprises Limited (AEL) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 9 महीने और तिमाही (9M FY26 और Q3 FY26) के अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 9 महीने में 193% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹9,560 करोड़ पर पहुंच गया है। इस उछाल का मुख्य कारण Adani Wilmar (AWL) और Ambuja Cements Ltd. को सीमेंट यूनिट्स की हिस्सेदारी बेचने से हुए ₹9,215 करोड़ के खास लाभ (exceptional gains) हैं।
अगर इन एकमुश्त लाभों को हटा दें, तो 9M FY26 का शुद्ध लाभ (underlying Profit Before Tax) ₹3,581 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 9 महीने में 3% घटकर ₹11,985 करोड़ पर आ गया। इसके पीछे Integrated Resource Management (IRM) और माइनिंग सर्विसेज में कम वॉल्यूम और कीमतों के साथ-साथ Adani New Industries Limited (ANIL) ईकोसिस्टम में कम रियलाइजेशन को वजह बताया गया है।
तीसरी तिमाही में दिखी अच्छी रफ्तार
इसके विपरीत, Q3 FY26 के नतीजे बेहतर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस दिखाते हैं। कुल आय (Total Income) 8% बढ़कर ₹25,475 करोड़ रही, जबकि EBITDA 15% की बढ़ोतरी के साथ ₹4,297 करोड़ दर्ज किया गया। ANIL ईकोसिस्टम में मॉड्यूल बिक्री 12% बढ़कर 997 MW रही और Wind Turbine Generator (WTG) सेट की सप्लाई 38% बढ़कर 66 सेट पर पहुंच गई।
नए प्रोजेक्ट्स और पूंजी जुटाना
AEL ने अपने विविध पोर्टफोलियो में विस्तार जारी रखा है। कंपनी ने 25 दिसंबर 2025 से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट्स सेगमेंट (AAHL) ने 9M FY26 में कुल आय में 31% और EBITDA में 47% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो कि पूरे FY25 के EBITDA से अधिक है।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹24,930 करोड़ का राइट इश्यू (Right Issue) सफलतापूर्वक पूरा किया और जनवरी 2026 में ₹1,000 करोड़ नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाए।
कर्ज़ की चिंता और आगे की राह
जहां एक ओर PAT के आंकड़े शानदार लग रहे हैं, वहीं निवेशकों को कंपनी के असली ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा। दिसंबर 2025 तक कंपनी का ग्रॉस डेट (Gross Debt) बढ़कर ₹90,697 करोड़ और नेट एक्सटर्नल डेट (Net External Debt) ₹49,306 करोड़ हो गया है। 9M FY26 के लिए नेट एक्सटर्नल डेट/EBITDA अनुपात 1.9x रहा, लेकिन 9 महीने के EBITDA में मामूली गिरावट और कर्ज़ में बड़ी बढ़ोतरी कर्ज के बढ़ते बोझ की ओर इशारा करती है।
मैनेजमेंट का कहना है कि वे एयरपोर्ट्स, रिन्यूएबल मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बिजनेस बनाने पर फोकस कर रहे हैं। भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन, कॉपर और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की योजनाएं हैं।