शॉर्ट-टर्म चुनौतियां बनाम लॉन्ग-टर्म ग्रोथ
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफ्रीज (Jefferies) ने Adani Enterprises के शेयर पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नियर-टर्म में कुछ ऑपरेशनल चुनौतियां हैं, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाएं काफी मजबूत हैं। ब्रोकरेज फर्म ने अडानी एंटरप्राइजेज के प्राइस टारगेट को ₹2,750 से घटाकर ₹2,600 कर दिया है।
इस कटौती का मुख्य कारण एयरपोर्ट्स पर उम्मीद से कम पैसेंजर ट्रैफिक और कच्छ कॉपर स्मेल्टर (Kutch Copper Smelter) के बिजनेस की धीमी शुरुआत रही है। इन वजहों से, जेफ्रीज ने FY26 से FY28 के लिए EBITDA अनुमानों में 3% से 7% की कमी की है। कंपनी के शेयर की कीमत ₹2,126.52 पर बंद हुई, जो मार्केट के इन शॉर्ट-टर्म मुद्दों को डिस्काउंट करने का संकेत देती है।
FY27 में बड़ी वापसी की उम्मीद
इन नियर-टर्म बाधाओं के बावजूद, जेफ्रीज ने Adani Enterprises पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 Adani Enterprises के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा, जिसमें EBITDA ग्रोथ 30% तक पहुंचने का अनुमान है। यह जोरदार वापसी कई सेक्टर्स से आने की उम्मीद है, जिसमें नवी मुंबई एयरपोर्ट का पूरी तरह से संचालन में आना, कॉपर का उत्पादन बढ़ना, गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का पूरा साल का योगदान और सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी शामिल है।
वैल्यूएशन और सेक्टर के बढ़ते अवसर
वर्तमान में, Adani Enterprises का शेयर वैल्यूएशन लगभग 20.11 गुना ट्रेलिंग अर्निंग्स (Trailing Earnings) पर है, जबकि FY27 के लिए P/E 17.97 रहने का अनुमान है। ऐतिहासिक रूप से, कंपनी का P/E काफी अधिक रहा है, जो 148.2x (FY21-FY25) तक गया है। मौजूदा वैल्यूएशन बताता है कि अगर कंपनी अपने अनुमानों को पूरा करती है, तो इसमें री-रेटिंग (Re-rating) की काफी गुंजाइश है।
कंपनी जिन सेक्टर्स पर फोकस कर रही है, वे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) में मजबूत ग्रोथ ट्रेंड्स का फायदा उठा रहे हैं। सरकार की $1.4 ट्रिलियन की इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश योजना और PM Gati Shakti मास्टर प्लान जैसे कदम रोड्स और लॉजिस्टिक्स की मांग बढ़ा रहे हैं। भारत 2026 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बनने वाला है, और Adani की न्यू एनर्जी बिजनेस अपनी सोलर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को FY27 के अंत तक 4 GW से 10 GW तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
कॉपर बिजनेस और संभावित जोखिम
हालांकि Adani के कच्छ कॉपर स्मेल्टर को शुरुआती मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत में कॉपर की मांग अगले दो साल में 10-12% सालाना बढ़ने का अनुमान है। दूसरी ओर, हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) जैसे अपस्ट्रीम प्लेयर्स के मजबूत मार्जिन की तुलना में Adani जैसे डाउनस्ट्रीम ऑपरेशंस को ग्लोबल सप्लाई और प्राइस के उतार-चढ़ाव से चुनौती मिल रही है।
कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 75-80% तक एयरपोर्ट्स और न्यू एनर्जी सेगमेंट्स पर निर्भर करता है, इसलिए इन क्षेत्रों में किसी भी बड़ी देरी या अंडरपरफॉरमेंस से कुल वैल्यूएशन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, Adani Group की कंपनियों पर नियामक जांच का असर भी निवेशक सेंटिमेंट पर पड़ सकता है।
आगे का रास्ता
कुल मिलाकर, जेफ्रीज का मानना है कि FY27 में Adani Enterprises के लिए एक मजबूत ग्रोथ साइकिल की शुरुआत होगी। वॉल स्ट्रीट के एनालिस्ट्स का भी औसत 1-साल का प्राइस टारगेट INR 2,880.87 है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 35% अपसाइड का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि बाजार Adani Enterprises से भारत की ग्रोथ स्टोरी का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहा है।