Adani Defence का बड़ा कदम: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एविएशन सर्विसेज में मज़बूत पकड़
Adani Enterprises लिमिटेड ने भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी की सहायक कंपनी ADSTL ने Punj Lloyd Ltd की मलनपुर (मध्य प्रदेश) स्थित डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को 'स्लम्प सेल' (Slump Sale) के ज़रिए अधिग्रहित किया है। इसके साथ ही, ADSTL ने एविएशन मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सर्विस प्रोवाइडर Air Works India (Engineering) Private Ltd. में अपनी हिस्सेदारी को 85.76% से बढ़ाकर 99.98% कर लिया है। ये कदम Adani के डिफेंस और एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मज़बूत करने और देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम हैं।
Punj Lloyd यूनिट का अधिग्रहण: इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्टीज़ का सीधा लाभ
ADSTL के लिए Punj Lloyd की डिफेंस यूनिट का यह अधिग्रहण 'स्लम्प सेल' के ज़रिए हुआ है, जिससे Adani को बिल्कुल शुरुआत से सब कुछ बनाने के बजाय सीधे तौर पर मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज मिल गया है। मलनपुर यूनिट से Adani की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी, जिससे उन्हें डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने में मदद मिलेगी। यह कदम सरकार की 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) पहलों को सीधा समर्थन देता है, जो स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्शन पर ज़ोर देती हैं और आयात पर निर्भरता कम करना चाहती हैं।
Air Works India में बढ़ी हिस्सेदारी: MRO सेक्टर में दबदबा
वहीं, Air Works India (Engineering) Private Ltd. में ADSTL की हिस्सेदारी 85.76% से बढ़ाकर 99.98% करना, एविएशन मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सेक्टर में दबदबा बनाने की कंपनी की मंशा को दिखाता है। Air Works भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर एयरक्राफ्ट MRO कंपनी है, जिसके पास सिविल और डिफेंस दोनों तरह के एयरक्राफ्ट के लिए सात दशकों से ज़्यादा का अनुभव है। यह कंसॉलिडेशन Adani की एविएशन सर्विसेज के इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें MRO, सिम्युलेशन और पायलट ट्रेनिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं, जो भारत के तेज़ी से बढ़ते एविएशन इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कॉम्पिटिशन और मार्केट रिएक्शन
Adani की यह आक्रामक अधिग्रहण रणनीति उन्हें भारत के डिफेंस सेक्टर में Hindustan Aeronautics Ltd (HAL), Bharat Electronics Ltd (BEL), Larsen & Toubro Defence और Tata Advanced Systems जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच खड़ा करती है। हालाँकि, बाज़ार की प्रतिक्रिया आज मिली-जुली रही। 1 मार्च 2026 को Adani Enterprises का शेयर 2.46% गिरकर ₹2161.80 पर बंद हुआ। यह दर्शाता है कि निवेशक इस डील के तत्काल वित्तीय प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। भारत का डिफेंस सेक्टर, जिसका अनुमानित मूल्य 2024 में USD 17.30 बिलियन था, सरकारी खर्च और FDI नीतियों के चलते तेज़ी से बढ़ रहा है।
भविष्य की राह और एनालिस्ट्स की राय
रणनीतिक रूप से ये कदम मज़बूत लग रहे हैं, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं। दिसंबर 2025 तक 'स्ट्रॉन्ग सेल' रेटिंग वाला Mojo Score 20.0 कुछ विश्लेषकों की 'बाय' रेटिंग से अलग है, जो निवेशकों की मिली-जुली भावना को दर्शाता है। इसके अलावा, हाल के 2026 के नतीजों में शेयर में 2.46% की गिरावट देखी गई।
इसके बावजूद, विश्लेषकों का नज़रिया अभी भी ज़्यादातर सकारात्मक बना हुआ है। Adani Enterprises के लिए औसत टारगेट प्राइस INR 2,870.00 है, जो 32% से ज़्यादा की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। कंपनी की आक्रामक रणनीति, रक्षा बजट और 'मेक इन इंडिया' नीतियों का समर्थन इसे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय डिफेंस मार्केट में बड़ा हिस्सा दिलाने की स्थिति में रखता है। भविष्य में और अधिग्रहण और Embraer SA जैसी कंपनियों के साथ संभावित पार्टनरशिप Adani को एयरोस्पेस और डिफेंस वैल्यू चेन में मज़बूत कर सकती है।