Active Clothing Co. Ltd. ने Q3 FY26 के अपने नतीजे जारी किए हैं, जो पहली नज़र में काफी दमदार दिख रहे हैं। कंपनी ने पिछले तिमाही के मुकाबले अपने राजस्व (Revenue) में 17.03% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब ₹97.36 करोड़ पर पहुँच गया है। वहीं, टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) भी 25.18% बढ़कर ₹3.50 करोड़ हो गया है। EBITDA में भी 22.40% का उछाल देखा गया और यह ₹9.04 करोड़ पर पहुँच गया, जिससे EBITDA मार्जिन पिछले तिमाही के 8.88% से बढ़कर 9.29% हो गया। यह दर्शाता है कि कंपनी ने हालिया तिमाही में अपने कामकाज में अच्छी रिकवरी की है।
लेकिन, जब हम पिछले नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़ों पर गौर करते हैं, तो तस्वीर कुछ अलग दिखती है। इस अवधि में राजस्व (Revenue) में साल-दर-साल (YoY) 7.29% की मामूली वृद्धि हुई और यह ₹245.02 करोड़ रहा। इससे भी ज़्यादा चिंताजनक बात यह है कि EBITDA में साल-दर-साल सिर्फ 2.19% की वृद्धि हुई और यह ₹23.40 करोड़ पर पहुँचा। इसके कारण 9M FY26 के लिए EBITDA मार्जिन पिछले साल के 10.03% से घटकर 9.55% हो गया। PAT में 23.55% की वृद्धि तो हुई, लेकिन यह मुख्य रूप से बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज या टैक्स में छूट जैसे कारकों के कारण था, न कि कामकाज में व्यापक सुधार के कारण।
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर सबसे बड़ी चिंताएं FY25 के अंत तक के आंकड़ों से सामने आती हैं। कंपनी की कुल देनदारियां (Total Liabilities) ₹279.11 करोड़ हैं। इसमें सबसे प्रमुख है चालू देनदारियों (Current Borrowings) का ₹88.99 करोड़ तक बढ़ना (FY24 में ₹57.79 करोड़ था) और ट्रेड पेएबल्स (Trade Payables) का ₹63.45 करोड़ तक पहुँचना (FY24 में ₹45.20 करोड़ था)। यह दिखाता है कि कंपनी अपने कामकाज को चलाने के लिए कर्ज और आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान में देरी पर ज़्यादा निर्भर हो रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि FY25 में ऑपरेशन से प्राप्त कैश फ्लो (Cash Flow from Operations) -₹10.37 करोड़ हो गया है, जो कि पिछले समय के पॉजिटिव कैश फ्लो के बिल्कुल उलट है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी का मुख्य व्यवसाय नकदी पैदा करने की बजाय नकदी खा रहा है, जो उसकी स्थिरता के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है।
निवेशकों के लिए कुछ प्रमुख जोखिम इस प्रकार हैं:
- भारी भरकम कर्ज: कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) FY25 में बढ़कर 10.93 हो गया है, जो FY24 के 9.00 और FY23 के 7.14 से काफी ज़्यादा है। यह अत्यधिक वित्तीय लीवरेज को दर्शाता है, जिससे कंपनी ब्याज दरों में वृद्धि और आर्थिक मंदी के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाती है।
- ऑपरेशनल कैश की कमी: FY25 में ऑपरेशन से नेगेटिव कैश फ्लो लिक्विडिटी या वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में गंभीर समस्याओं का संकेत देता है।
- पूंजी की खराब कुशलता: कैपिटल एम्प्लॉयड पर रिटर्न (ROCE) FY25 में सिर्फ 1.88% रहा, जो बताता है कि व्यवसाय में लगाई गई पूंजी से पर्याप्त रिटर्न नहीं मिल रहा है।
इन तमाम चिंताओं के बावजूद, Active Clothing भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं बना रही है। कंपनी भारत की पहली स्मार्ट निटिंग फैक्ट्री में बड़ा निवेश करने वाली है, जिससे ऑटोमेशन और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। मैनेजमेंट ने अगले तीन सालों में ₹500 करोड़ और पांच सालों में ₹1,000 करोड़ के राजस्व का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस वृद्धि को प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, डीलर नेटवर्क को 200 से 300 तक बढ़ाना और AI व स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को शामिल करते हुए एक टेक-इनेबल्ड इकोसिस्टम विकसित करके हासिल करने की योजना है।